सांप के काटने पर मिलेगा फ्री इलाज? जान लें ये बड़ा नियम

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मुख्य बातें

  • बरसात के दिनों में खेतों, गांवों और कई शहरों में भी सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं
  • सांप का काटना मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है और ऐसे मामलों में तुरंत अस्पताल पहुंचकर इलाज कराना जरूरी होता है
  • ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल होता है कि अगर सांप काट ले तो इलाज मुफ्त होगा या नहीं

snake bite
सांप के काटने पर मिलेगा फ्री इलाज

बरसात के दिनों में खेतों, गांवों और कई शहरों में भी सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। सांप का काटना मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है और ऐसे मामलों में तुरंत अस्पताल पहुंचकर इलाज कराना जरूरी होता है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल होता है कि अगर सांप काट ले तो इलाज का खर्च हेल्थ इंश्योरेंस देगा या नहीं। वहीं, अगर इस हादसे में किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो क्या परिवार को कोई मुआवजा मिल सकता है? अच्छी बात यह है कि अगर आपके पास एक्टिव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है, तो ज्यादातर मामलों में इलाज का खर्च बीमा कंपनी उठाती है।

सांप के काटने पर मिलेगा इलाज का खर्च?

हेल्थ इंश्योरेंस के तहत अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, डॉक्टर की फीस, दवाइयों का खर्च, जरूरी जांच, एंटी-वेनम इंजेक्शन और जरूरत पड़ने पर आईसीयू का खर्च भी कवर हो सकता है। हालांकि, यह सुविधा आपकी पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करती है। इसलिए पॉलिसी खरीदते समय उसके नियम और शर्तें जरूर पढ़ लें।

क्या मिलेगा क्लेम?

अगर सांप के काटने से किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो सिर्फ हेल्थ इंश्योरेंस से अलग, पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस पॉलिसी में परिवार को तय अमाउंट का मुआवजा मिल सकता है। इसके लिए यह जरूरी है कि मौत को पॉलिसी के नियमों के अनुसार दुर्घटनावश मृत्यु माना जाए और सभी शर्तें पूरी हों।

रखें इन बातों का ध्यान

क्लेम करते समय कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट भी जमा करने पड़ते हैं। इनमें अस्पताल की डिस्चार्ज समरी, डॉक्टर की पर्ची, जांच रिपोर्ट, भरा हुआ क्लेम फॉर्म और पॉलिसी से जुड़े दस्तावेज शामिल होते हैं। सही और पूरे दस्तावेज देने से क्लेम जल्दी निपटने में मदद मिलती है। हालांकि, हर मामले में क्लेम मंजूर हो, यह जरूरी नहीं है।

ये डॉक्यूमेंट रखें तैयार

अगर घटना के समय पॉलिसी बंद हो चुकी थी, इलाज पॉलिसी के दायरे में नहीं आता, जरूरी कागजात पूरे नहीं हैं या पॉलिसी में उस स्थिति को बाहर रखा गया है, तो बीमा कंपनी क्लेम खारिज भी कर सकती है। इसलिए हेल्थ या पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस लेते समय उसकी कवरेज, शर्तें, क्या शामिल है और क्या नहीं तो इसे समझना जरूरी है। किसी भी इमरजेंसी में सही जानकारी और सही डॉक्यूमेंट आपके क्लेम को आसान बना सकते हैं।

Sheetal

लेखक के बारे में

Sheetal
शीतल को पत्रकारिता में 15 सालों का अनुभव है। पर्सलन फाइनेंस, गोल्ड, सिल्वर, कारोबारी सफर और स्टार्टअप की खबरें लिखती हैं। अमर उजाला से अपने करियर की शुरुआत की। अब तक इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी, भास्कर, लाइव हिन्दुस्तान और मनीकंट्रोल हिंदी (Network18) में काम किया है। अब लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट एडिटर खबरें आप तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। और पढ़ें
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