SME कंपनी ने मजबूरी में बदला मन, वापस लिया अपना IPO, सिर्फ 62% लगा था दांव
SME कंपनी फाइटोकेम रेमेडीज ने निवेशकों की कमजोर दिलचस्पी की वजह से अपना IPO वापस ले लिया है। फाइटोकेम रेमेडीज के IPO को सिर्फ 62% सब्सक्रिप्शन मिला था। कंपनी का आईपीओ अंडरसब्सक्राइब्ड रहा।

जम्मू स्थित पैकेजिंग कंपनी फाइटोकेम रेमेडीज ने अपना आईपीओ वापस ले लिया है। निवेशकों की कमजोर दिलचस्पी की वजह से SME कंपनी फाइटोकेम रेमेडीज को अपना IPO वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। फाइटोकेम रेमेडीज के आईपीओ को सिर्फ 62 पर्सेंट सब्सक्रिप्शन मिला था। IPO के लिए केवल 797 एप्लीकेशंस आईं। यह बात इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कही गई है। फाइटोकेम रेमेडीज का आईपीओ दांव लगाने के लिए 18 दिसंबर 2025 को खुला था। कंपनी के आईपीओ का टोटल साइज 38 करोड़ रुपये तक का था।
इस वजह से वापस लिया IPO
फाइटोकेम रेमेडीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर निरंजन सुराना ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया है, 'कंपनी के मैनेजमेंट ने इश्यू वापस लेने का फैसला लिया है। बाजार की प्रतिकूल स्थितियां और कैपिटल मार्केट में जारी उतार-चढ़ाव ओवरऑल इनवेस्टर सेंटीमेंट पर असर डाल रहा है, इसी को देखते हुए मैनेजमेंट ने यह फैसला लिया है। इसी क्रम में कंपनी अब इश्यू पर आगे नहीं बढ़ेगी।' फाइटोकेम रेमेडीज का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए सोमवार 22 दिसंबर तक खुला था।
IPO के लिए लगीं केवल 797 बिड्स
सोमवार 22 दिसंबर 2025 को 3 दिन की बिडिंग प्रोसेस खत्म होने के बाद फाइटोकेम रेमेडीज के आईपीओ (Phytochem Remedies IPO) को करीब 23.1 लाख शेयरों के लिए 797 बिड्स मिलीं और करीब 22.63 करोड़ रुपये के लिए दांव लगा। यानी, फाइटोकेम रेमेडीज का आईपीओ करीब 62 पर्सेंट ही सब्सक्राइब हुआ। फाइटोकेम रेमेडीज का आईपीओ अंडरसब्सक्राइब्ड रहा है। यह बात इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कही गई है। फाइटोकेम रेमेडीज के शेयरों की लिस्टिंग BSE के SME प्लेटफॉर्म पर 26 दिसंबर को होनी थी। अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर इश्यू प्राइस पर ही ट्रेड कर रहे थे। यानी, इनवेस्टर्स फ्लैट लिस्टिंग की उम्मीद लगाए थे।
IPO में 98 रुपये था कंपनी के शेयर का दाम
फाइटोकेम रेमेडीज (Phytochem Remedies) के आईपीओ में शेयर का दाम 98 रुपये था। फाइटोकेम रेमेडीज का प्री-आईपीओ मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 115 करोड़ रुपये था। यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू था। फाइटोकेम रेमेडीज की शुरुआत साल 2002 में हुई है। फाइटोकेम रेमेडीज कॉरगैटड बॉक्सेज और कॉरगैटड बोर्ड सॉल्यूशंस की मैन्युफैक्चरर है। फाइटोकेम रेमेडीज (इंडिया) लिमिटेड प्राथमिक रूप से फूड एंड बेवरेजेज, एफएमसीजी, पेस्टिसाइड्स, फार्मास्युटिकल्स और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की जरूरतें पूरी करती है।
लेखक के बारे में
Vishnu Soniविष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ
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पत्रकारिता में विष्णु को 20 साल पूरे होने को हैं। विष्णु के करियर का ज्यादातर हिस्सा बिजनेस जर्नलिज्म से जुड़ा रहा है।
वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर
चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद
विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग,
ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को 'खोजने' में लगाते
हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।


