निवेश पर 8.2% तक ब्याज, दांव लगाने से पहले बनाएं प्लान वर्ना बढ़ेगी टेंशन
सरकार ने एक अप्रैल से शुरू पहली तिमाही के लिए पीपीएफ और एनएससी समेत विभिन्न छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया। यह लगातार आठवीं तिमाही है जब ब्याज दर को यथावत रखा गया है।

Small savings schemes: नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत हो चुकी है। इस फाइनेंशियल ईयर के दौरान अगर आप छोटी बचत योजनाओं में निवेश की योजना बना रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए डिटेल में जान लेते हैं।
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर में बदलाव नहीं
सरकार ने एक अप्रैल से शुरू पहली तिमाही के लिए पीपीएफ और एनएससी समेत विभिन्न छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया। यह लगातार आठवीं तिमाही है जब ब्याज दर को यथावत रखा गया है। सबसे अधिक ब्याज दर की बात करें तो सुकन्या समृद्धि की है। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत जमा पर 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर लागू रहेगी जबकि तीन वर्षीय सावधि जमा पर ब्याज दर वर्तमान तिमाही के समान ही 7.1 प्रतिशत रहेगी।
इसके अलावा, सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और डाकघर बचत जमा योजनाओं पर ब्याज दरें क्रमशः 7.1 प्रतिशत और चार प्रतिशत पर ही बनी रहेंगी। वहीं, किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 7.5 प्रतिशत होगी और निवेश 115 माह में मैच्योर होगा। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर अप्रैल-जून तिमाही के लिए ब्याज दर 7.7 प्रतिशत पर बरकरार रहेगी। मासिक आय योजना पर भी मौजूदा तिमाही की तरह, आगामी वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी निवेशकों को 7.4 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा।
जो निवेशक ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहते, उनके लिए ये योजनाएं बाजार से जुड़े उत्पादों के मुकाबले एक सुरक्षित और स्थिर विकल्प बनी हुई हैं। हालांकि, लॉक-इन पीरियड ज्यादा होने से निवेशक संकोच में आ जाते हैं। उदाहरण के लिए, सुकन्या और PPF के लिए लॉक-इन पीरियड 15 साल है। ऐसे में निवेश से पहले मंथन कर लेना जरूरी है। जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय हमेशा आगे की सोचना बेहतर होता है।
अपने निवेश को अपने लक्ष्यों से मिलाएं
अगर आप छोटी बचत योजनाओं में निवेश की सोच रहे हैं तो इससे पहले अपने लक्ष्य की योजना बना लें। हर स्कीम को अलग तरह से डिजाइन किया जाता है, इसलिए सही स्कीम चुनना आपके निजी लक्ष्यों पर निर्भर करता है। पैसे लॉक करने से पहले अपनी लिक्विडिटी जांच लें। कई बार लोग बहुत ज्यादा पैसे लंबे समय के लिए लॉक कर देते हैं। हालांकि, छोटी बचत योजनाएं सुरक्षित होती हैं लेकिन उनमें से पैसे आसानी से निकाले नहीं जा सकते। सुनिश्चित करें कि आपके पास रोजमर्रा के खर्चों और आपात स्थितियों के लिए पर्याप्त पैसे हों। इससे आपको मुश्किल समय में अपना निवेश तोड़ने या लोन लेने से बचने में मदद मिलती है।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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