
चांदी ने चौंकाया: सिर्फ 10 दिन में 1 लाख रुपये बढ़े दाम, सदन में उठा मुद्दा
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमतों ने गुरुवार को इतिहास रचते हुए पहली बार ₹4 लाख प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर लिया। यह चांदी में अब तक की सबसे तेज ₹1 लाख प्रति किलोग्राम की बढ़त है। वहीं, चांदी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी का मुद्दा सदन में भी उठा है।
Silver latest rate: आम लोगों के बीच लोकप्रिय आभूषण सोना और चांदी की कीमतें सातवें आसमान पर हैं। खासतौर पर चांदी की कीमतों मे तेजी का जो सिलसिला है उससे हर कोई हैरान है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतें अब 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गई हैं। अहम बात ये है कि सिर्फ 10 दिन में चांदी की कीमतों में एक लाख रुपये की बढ़ोतरी देखी गई है।
डेढ़ महीने मे 2 लाख रुपये बढ़े दाम
सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को चांदी 5 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर ₹4,08,487 के उच्च स्तर तक पहुंच गई। वहीं, चांदी ने 19 जनवरी 2026 को ₹3 लाख प्रति किलोग्राम का स्तर छुआ था। इस लिहाज से सिर्फ 10 दिन में चांदी में अब तक की सबसे तेज ₹1 लाख प्रति किलोग्राम की बढ़त दर्ज की है। वहीं, चांदी ने 2 लाख रुपये से 3 लाख रुपये तक का सफर भी एक महीने से कम समय में तय किया है। दरअसल, 17 दिसंबर 2025 को चांदी की कीमत ₹2 लाख प्रति किलोग्राम के पार गई थी। इस तरह कहा जा सकता है कि करीब डेढ़ महीने में चांदी की कीमतों में 2 लाख रुपये का उछाल आया है।
सदन में उठा चांदी का मुद्दा
इस बीच, राज्यसभा में गुरुवार को चांदी की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठा है। उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य नीरज डांगी ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि देश में सोने एवं चांदी की बेकाबू कीमतों ने ग्रामीण भारत विशेषकर महिलाओं एवं विवाह वाले परिवारों की कमर तोड़ कर रख दी है। उन्होंने कहा कि पिछले 13 महीनों में यानी दिसंबर 2024 से जनवरी 2026 के बीच भारत में चांदी की कीमतों में करीब 306 प्रतिशत और सोने की कीमतों में 111 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारत में सोना-चांदी नारी की सुरक्षा, आत्मसम्मान और पारिवारिक भविष्य से जुड़ा है और ऐसे देश में इनकी कीमतों में इस कदर बेलगाम वृद्धि सरकार की गंभीर नीतिगत और आर्थिक असफलता को दर्शाता है।
एक्सपर्ट का क्या कहना है?
विशेषज्ञों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव, टैरिफ वॉर और सप्लाई से जुड़ी चिंताओं ने सोना और चांदी की कीमतों में तेजी को और हवा दी है। निवेशकों का भरोसा पारंपरिक वित्तीय परिसंपत्तियों से हटकर हार्ड एसेट्स, खासकर सोना-चांदी की ओर बढ़ रहा है। SAMCO सिक्योरिटीज के अपूर्व शेठ की मानें तो यूएस फेड की स्वतंत्रता को लेकर उठ रहे सवालों और काउंटरपार्टी रिस्क की चिंता ने तेजी को रफ्तार दी है। वहीं deVere ग्रुप के सीईओ निगेल ग्रीन का मानना है कि चांदी साल के अंत तक 200 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर के अनुसार, किसी भी गिरावट को निवेश के मौके के तौर पर देखा जाना चाहिए।





