
60% सस्ती हो जाएगी चांदी? एक्सपर्ट्स क्यों कह रहे हैं यह बात
Silver Price Today: रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद चांदी का भाव अब घट रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में सोमवार को चांदी का भाव 82.670 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर पहुंच गया था। शुक्रवार को 71.300 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर आ गया।
Silver Price Today: रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद चांदी का भाव अब घट रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में सोमवार को चांदी का भाव 82.670 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर पहुंच गया था। शुक्रवार को 71.300 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर आ गया। यानी इंटरनेशनल मार्केट में प्रति आउंस चांदी की कीमतों में 11.37 डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है। जोकि रिकॉर्ड हाई की तुलना में 13.75 प्रतिशत कम है। बता दें, चांदी के बाजार पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका रेट 60 प्रतिशत तक गिर सकता है।
क्यों बढ़ रहा था चांदी का भाव
चांदी के लिए 2025 का साल काफी शानदार रहा था। इस दौरान सिल्वर का रेट 180 प्रतिशत बढ़ा था। चांदी की कीमतों में इजाफे की वजह सैमसंग की घोषणा को भी माना जा रहा है। सैमसंग ने लिथियम ऑयन बैटरी की जगह सॉलिड स्टेट बैटरी को विकल्प के तौर पर डिस्कवर किया। जिसमें चांदी का प्रयोग किया जाएगा।
इसके सप्लाई चेम के प्रभावित होने की वजह से भी चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। चीन ने सिल्वर के एक्सपोर्ट्स पर 1 जनवरी 2026 पर एक तरह से बैन ही लगा दिया है। चीन के नियमों की वजह से वहां की कंपनियों के लिए अब चांदी को वहां से एक्सपोर्ट करना कठिन हो जाएगा। बता दें, इस गिरावट के पीछे की वजह कुछ एक्सपर्ट्स मुनाफावसूली को भी मान रहे हैं। लम्बे समय से चांदी को होल्ड करने वाले निवेशक अब इसे बेच रहे हैं।
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
चांदी के मार्केट पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंडिस्ट्रियल डिमांड की वजह से यह रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। लेकिन यह अलार्म करने वाली पोजीशन थी। इंडस्ट्री अब चांदी का विकल्प खोजना शुरू कर दी है। फोटोवोल्टेक सेल और सोलर पैनल्स पहले से ही कॉपर की तरफ कदम बढ़ा चुके हैं।
60% सस्ता हो सकता है चांदी
एक्सपर्ट कह रहे हैं कि चांदी की भाव अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच चुका है। अगर इंस्टीट्यूशंस की तरफ से शॉर्ट कवरिंग हुई तो यह 100 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर फरवरी 2026 में जा सकता है। लेकिन वित्त वर्ष 2027 में यह मेटल काफी दबाव में रहेगा। जिसकी वजह से वित्त वर्ष 2027 के अंततक यह 60 प्रतिशत टूट सकता है।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। चांदी की कीमतों में तेजी और गिरावट के पीछे कई कारण होते हैं। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें। यहां प्रस्तुत एक्सपर्ट्स के विचार निजी हैं। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर चांदी को ना खरीदने और ना बेचने की सलाह देता है।)





