चांदी की मदमस्त चाल पर ब्रेक…24 घंटे में ₹88 हजार गिरा भाव, सोना ₹25000 सस्ता
रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के ठीक एक दिन बाद मुनाफावसूली ने बुलियन बाजार को झकझोर कर रख दिया। मार्च में समाप्त होने वाले चांदी के वायदा भाव में लगभग 17 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 3,32,002 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया।
Gold, Silver Rate Today: बीते गुरुवार को सोना और चांदी की ऐतिहासिक बढ़त ने आम लोगों की टेंशन बढ़ा दी थी लेकिन एक ही दिन में सारा खेल बदल गया है। दरअसल, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार को चांदी ने ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम का नया शिखर छुआ था। रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के ठीक एक दिन बाद मुनाफावसूली ने बुलियन बाजार को झकझोर कर रख दिया। मार्च में समाप्त होने वाले चांदी के वायदा भाव में लगभग 17 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 3,32,002 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। यह गिरावट सिर्फ 24 घंटे में लगभग 21 प्रतिशत (88,046 रुपये प्रति किलोग्राम) की है।
सोने की कीमत
MCX पर अप्रैल में समाप्त होने वाले सोने के वायदा भाव में लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 1,67,406 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर पहुंच गया। एक दिन पहले ही सोने के वायदा भाव ने 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम का नया उच्चतम स्तर छुआ था। इसका मतलब है कि सोने के वायदा भाव में सिर्फ 24 घंटे में 13 प्रतिशत (25,690 रुपये प्रति 10 ग्राम) की गिरावट आई।
दिल्ली सर्राफा बाजार का हाल
शुक्रवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें 14,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमतें 20,000 रुपये प्रति किलोग्राम लुढ़क गईं। जानकारी के मुताबिक 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 14,000 रुपये, या 7.65 प्रतिशत टूटकर 1,69,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) रह गया। गुरुवार को सोने की कीमत 12,000 रुपये बढ़कर 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गई थी। चांदी की कीमत 20,000 रुपये, या लगभग पांच प्रतिशत टूटकर 3,84,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत 19,500 रुपये बढ़कर 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक -जिंस सौमिल गांधी ने कहा कि शुक्रवार को सोने और चांदी में भारी गिरावट देखी गई क्योंकि हाल ही में रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद निवेशकों ने तेज़ गति से मुनाफावसूली शुरू कर दी। यह गिरावट मुख्य रूप से बड़े संस्थागत कारोबारियों द्वारा लंबे सौदों की भारी बिक्री के कारण हुई, जिन्होंने कई सत्रों की मजबूत बढ़त के बाद मुनाफावसूली की कोशिश की। उन्होंने कहा कि डॉलर में सुधार होने से सर्राफा पर और दबाव पड़ा। तकनीकी नजरिए से पिछले कई सत्रों से सोना और चांदी दोनों में अत्यधिक खरीदारी हो रही थी, जिससे तकनीकी सुधार यानी गिरावट आने का जोखिम बढ़ गया था।
इनक्रेड मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय कुप्पा ने कहा कि कुछ कारणों से सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई है। दोनों सर्राफा की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद विश्व स्तर पर कुछ मुनाफावसूली होती दिख रही है। उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी के कारण ऊंचे स्तर पर कोई समर्थन मूल्य तय नहीं किया गया था, इसलिए तकनीकी सुधार या गिरावट तेज़ रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वार्श को अमेरिका के केन्द्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व के अगले प्रमुख के रूप में नामित करने के बाद अनिश्चितता है, जिससे बाजार थोड़ा जोखिम से बचने की स्थिति में रहा, क्योंकि बाजारों को डर है कि नया नेतृत्व ज़्यादा आक्रामक हो सकता है।





