चांदी खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर! सरकार ने लागू कर दिए नए नियम, भारत में रिकॉर्ड आयात के बाद बड़ा फैसला

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

मुख्य बातें

  • सरकार ने चांदी के नियमों को और सख्त करते हुए 99.9% शुद्धता वाली चांदी, पाउडर, ग्रेन और अन्य रूपों के आयात को रिस्ट्रिक्टेड कैटेगरी में डाल दिया है
  • अब RBI-नामित एजेंसियों, DGFT-अनुमोदित संस्थाओं और IIBX के जरिए आयात करने वाले ज्वैलर्स को भी DGFT से वैध आयात अनुमति लेनी होगी
चांदी खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर! सरकार ने लागू कर दिए नए नियम, भारत में रिकॉर्ड आयात के बाद बड़ा फैसला

भारत में चांदी की बढ़ती आयात लागत और रिकॉर्ड स्तर पर हो रहे आयात को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब चांदी के आयात पर पहले से ज्यादा सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। सरकार ने चांदी के कई उत्पादों को रिस्ट्रिक्टेड कैटेगरी में डाल दिया है, जिसका मतलब है कि अब आयातकों को चांदी मंगाने से पहले विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) से विशेष अनुमति यानी इंपोर्ट ऑथराइजेशन (Import Authorisation) लेना अनिवार्य होगा। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

सरकार के इस फैसले का सीधा असर उन कारोबारियों, ज्वैलर्स और एजेंसियों पर पड़ेगा, जो विदेशों से बड़ी मात्रा में चांदी आयात करते हैं। नए नियमों के तहत 99.9% या उससे अधिक शुद्धता वाली चांदी, चाहे वह पाउडर, ग्रेन (दाने), सेमी-मैन्युफैक्चर्ड फॉर्म या अन्य रूप में हो, उसे आयात करने के लिए अब DGFT की मंजूरी जरूरी होगी। यह नियम उन सभी आयात चैनलों पर लागू होगा, जिन्हें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), DGFT या IIBX (India International Bullion Exchange) के जरिए अनुमति मिली हुई है।

दरअसल, पिछले कुछ समय से भारत में चांदी के आयात में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश ने रिकॉर्ड 12 अरब डॉलर (करीब ₹1 लाख करोड़) की चांदी आयात की, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा केवल 4.8 अरब डॉलर था, यानी एक साल में चांदी के आयात में करीब 150% की वृद्धि हुई। अप्रैल 2026 में भी चांदी का आयात सालाना आधार पर 157% बढ़कर 411 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

एक्सपर्ट का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में चांदी का आयात देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) पर दबाव बढ़ा सकता है। यही वजह है कि सरकार लगातार सोना और चांदी जैसे कीमती धातुओं के आयात को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। हाल ही में सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था। अब DGFT अनुमति की अनिवार्यता को उसी रणनीति का अगला कदम माना जा रहा है।

भारत में चांदी की मांग केवल आभूषण उद्योग तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, मेडिकल उपकरण, ऑटोमोबाइल और कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रहा है। इसी वजह से आयात में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। भारत मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात (UAE), यूनाइटेड किंगडम (UK) और चीन से चांदी आयात करता है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि नए नियमों के बाद चांदी आयात करने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल हो सकती है और कुछ समय के लिए सप्लाई पर असर भी पड़ सकता है। इससे घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, सरकार का मानना है कि यह कदम अनावश्यक आयात को नियंत्रित करने और विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

चांदी के आयात पर DGFT की मंजूरी अनिवार्य होने से अब कारोबारियों को अधिक नियमों का पालन करना होगा। आने वाले महीनों में इसका असर चांदी के व्यापार, कीमतों और ज्वैलरी उद्योग पर देखने को मिल सकता है।

Sarveshwar Pathak

लेखक के बारे में

Sarveshwar Pathak

सर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।

और पढ़ें
जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,