पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीदों को झटका, होर्मुज में हमले से तेल में 'उबाल'
मुख्य बातें
- Crude Oil Prices: ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है
- जबकि, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल 78 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया
- इसका असर आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल के दाम पर पड़ सकता है

पेट्रोल-डीजल के सस्ता होने की उम्मीदों को फिर झटका लगा है। ईरान ने ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 'दुश्मन ठिकानों' पर हमला किया है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है। इस खबर के बाद ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। जबकि, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल 78 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया। फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ये हमले स्थानीय समयानुसार गुरुवार रात होर्मुज में क्वेश्म द्वीप के पास हुए विस्फोटों के बाद किए गए।
अमेरिकी जहाजों पर रोक
ईरान-ओमान के साथ एक समझौते के तहत अमेरिकी जहाजों को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से दूर रखना चाहता है। इस प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान इजरायली जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है और दुश्मन देशों से इस जलमार्ग का उपयोग करने के लिए मुआवजा मांगेगा।
होर्मुज खोलने की बातचीत में अनिश्चितता
ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक यूएस बैंक एसेट मैनेजमेंट ग्रुप के वरिष्ठ निवेश रणनीति निदेशक रॉब हॉवर्थ का कहना है कि "स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए सौदे अभी भी मुश्किल हैं। निवेशक संतुलन बनाए हुए हैं। अभी यातायात कम है और स्थायी समझौते का रास्ता स्पष्ट नहीं है।"
कभी बातचीत तो कभी बमबारी
ईरान और अमेरिका के बीच कभी बातचीत होती है तो कभी बमबारी। दोनों देशों के नेताओं के बयान एक दूसरे के विपरीत होते हैं। ईरान के हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया कि उन्हें लगता है कि युद्ध 'जल्द ही समाप्त हो जाएगा', लेकिन दोनों पक्ष समझौते की शर्तों को लेकर काफी दूर हैं। अमेरिका होर्मुज से मुक्त आवाजाही और युद्ध-पूर्व स्थिति में वापसी पर जोर दे रहा है, जबकि ईरान शुल्क लगाने की मांग कर रहा है।
मध्य पूर्व में बढ़ता संघर्ष
मध्य पूर्व में संघर्ष और अधिक फैलता जा रहा है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के समर्थक यमन सरकार की सेना के खिलाफ 'बड़े पैमाने पर' हमला करने का दावा किया है। इससे पहले इस सप्ताह हूती विद्रोहियों ने अदन की खाड़ी में एक सऊदी टैंकर पर हमला किया था और उत्तरी लाल सागर में शिपिंग को धमकी दी थी।
पेट्रोल-डीजल के दाम पर कैसे असर डालता है कच्चा तेल
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पूरी तरह मुक्त बाजार जैसी नहीं हैं और न ही पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में हैं। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल, रुपये-डॉलर के एक्सचेंज रेट, रिफाइनिंग लागत और टैक्स जैसे कई फैक्टर्स को ध्यान में रखकर कीमतें तय करती हैं। इसलिए कच्चे तेल में तेजी या गिरावट का असर तुरंत और पूरी तरह खुदरा कीमतों में दिखाई नहीं देता।


