
सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयर टूटे, टैक्स के बोझ तले दबे ITC के शेयर
ITC Share Price: सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में लगातार दूसरे दिन भी गिरावट है। शुरुआती कारोबार में ही आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में 3 फीसद से अधिक की गिरावट है।
सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में लगातार दूसरे दिन भी गिरावट है। शुरुआती कारोबार में ही आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में 4 फीसद से अधिक की गिरावट है। असल में, एक फरवरी से तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर लगाने की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद यह दबाव देखने को मिला।
पिछले दो दिन में आईटीसी के शेयर करीब 13 पर्सेंट टूटकर 350 रुपये के आसपास आ गए हैं। वहीं, गॉडफे फिलिप्स इन दो दिनों में करीब 20 पर्सेट लुढ़का है। यह स्टॉक आज शुरुआती कारोबार में 2232 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था।
नए साल के पहले ही दिन क्रैश हुए थे शेयर
बता दें 1 जनवरी को दिग्गज कंपनी आईटीसी के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई।
सिगरेट कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयर में 17.09 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, आईटीसी के शेयरों में 9.69 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई।
यह गिरावट इसलिए हुई कि केंद्र सरकार ने सिगरेट की लंबाई और फिल्टर के आधार पर प्रति एक हजार स्टिक पर 2050 रुपये से लेकर 8500 रुपये तक का टैक्स की अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं, कच्चे तंबाकू पर 60–70 फीसदी का उत्पाद शुल्क लगाने की बात कही गई है।
अभी कितना है टैक्स
पान मसाला, सिगरेट, चबाने वाला तंबाकू, सिगार, हुक्का, जर्दा और सुगंधित तंबाकू समते सभी तंबाकू उत्पादों पर वर्तमान में 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता था। साथ में अलग-अलग दरों के हिसाब से क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है लेकिन अधिसूचना के बाद अब एक फरवरी से जीएसटी की दर बढ़कर 40 प्रतिशत हो जाएगी। साथ ही, उत्पाद शुल्क एवं क्षतिपूर्ति उपकर भी लागू होगा।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)





