IPO लेकर आ रही सोशल मीडिया वाली कंपनी, फेसबुक-इंस्टाग्राम को देती है टक्कर
मुख्य बातें
- शेयरचैट (ShareChat IPO) आईपीओ की तैयारी में जुट गई है
- शेयरचैट की पैरेंट कंपनी मोहल्ला टेक प्राइवेट लिमिटेड आईपीओ के जरिए 400 मिलियन डॉलर तक जुटाने की योजना है

ShareChat IPO: शॉर्ट-वीडियो प्लेटफॉर्म Moj और सब्सक्रिप्शन बेस्ड माइक्रो-ड्रामा ऐप QuickTV चलाने वाली कंपनी शेयरचैट (ShareChat IPO) आईपीओ की तैयारी में जुट गई है। बता दें कि शेयरचैट के Moj पर क्रिएटर्स वीडियो बनाते हैं और फेसबुक-इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म को टक्कर मिलती है।
क्या है योजना?
इस आईपीओ के जरिए 400 मिलियन डॉलर तक जुटाने की योजना है। हालांकि, आईपीओ योजनाओं में बदलाव की भी संभावना है। बता दें कि शेयरचैट की पैरेंट कंपनी मोहल्ला टेक प्राइवेट लिमिटेड है।
मुनाफे में आई कंपनी
ShareChat की बात करें तो यह ऑपरेशन के लिहाज से अप्रैल 2026 में शुरू हुए साल की पहली तिमाही में मुनाफे में आ गई है। कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर मनोहर चरण ने इस हफ्ते ब्लूमबर्ग न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने कहा कि अब हम मजबूत स्थिति में हैं। हम अगले चार या पांच क्वार्टर में लिस्ट होने का लक्ष्य रखेंगे।
ShareChat के लिए यह एक बड़ी सफलता है। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कोरोना महामारी के बाद वेंचर फंडिंग में आई गिरावट के दौरान कंपनी ने लागत घटाने, कर्मचारियों की छंटनी करने और कई गैर-लाभकारी प्रोजेक्ट बंद करने जैसे कदम उठाए थे। अब कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर प्रत्येक यूजर से होने वाली आय को उसकी सेवा लागत से अधिक करने में सफलता हासिल की है।
ShareChat का सालाना रेवेन्यू पहले ही 10 बिलियन रुपये (105 मिलियन डॉलर) को पार कर चुका है और यह 14 बिलियन रुपये तक की सालाना रफ्तार से बढ़ रहा है। कंपनी की आय में सालाना 30% से अधिक की वृद्धि दर्ज की जा रही है।
15 करोड़ मासिक सक्रिय यूजर्स
ShareChat की तेजी से बढ़ती कमाई में माइक्रो-ड्रामा सबसे बड़ा योगदान दे रहे हैं। ये 60 सेकेंड तक के छोटे-छोटे एपिसोड वाले वीडियो होते हैं। कंपनी का दावा है कि उसके प्लेटफॉर्म पर हर महीने 6.5 करोड़ लोग माइक्रो-ड्रामा देखते हैं और रोजाना 70 करोड़ से अधिक एपिसोड देखे जाते हैं। वर्तमान में ShareChat और Moj के संयुक्त रूप से 15 करोड़ मासिक सक्रिय यूजर्स हैं जबकि QuickTV के करीब 30 लाख सब्सक्राइबर हैं। कंपनी की खास पकड़ छोटे शहरों और क्षेत्रीय भाषाओं के दर्शकों में है। यह कंपनी Meta के फेसबुक और इंस्टाग्राम को कड़ी टक्कर दे रही है।
कंपनी के मुताबिक इसका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पहले से ही कंटेंट रिकमेंडेशन, मॉडरेशन, विज्ञापन और पर्सनलाइज्ड कंटेंट को बेहतर बना रहा है। अब यह माइक्रो-ड्रामा बनाने की लागत कम करने में भी मदद कर रहा है।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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