10 सितंबर से खुल रहा है एक नया IPO, प्राइस बैंड 130-140 रुपये, GMP में उछाल
मुख्य बातें
- Veegaland Developers IPO ने 130 रुपये से 140 रुपये प्रति शेयर प्राइस बैंड तय किया है
- कंपनी का आईपीओ ग्रे मार्केट में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है

10 सितंबर को Veegaland Developers IPO का खुल रहा है। आज 1 सितंबर को कंपनी ने प्राइस बैंड का ऐलान कर दिया है। आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट अभी से पॉजिटिव दिख रहा है। जोकि दांव लगाने वाले निवेशकों के लिए अच्छी बात है। बता दें, इस मेनबोर्ड सेगमेंट के आईपीओ का प्राइस बैंड 130 रुपये से 140 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी के आईपीओ का साइज 210 करोड़ रुपये का है। यह इश्यू पूरी तरह से फ्रेश शेयरों पर आधारित है। कंपनी 1.50 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। यानी मौजूदा निवेशक एक भी शेयर आईपीओ में नहीं बेच रहे हैं।
क्या है लॉट साइज?
Veegaland Developers IPO के एक लॉट में 107 शेयर हैं। जिसकी वजह से निवेशकों को 14980 रुपये का दांव लगाना होगा। आईपीओ 10 सितंबर से 15 सितंबर तक रिटेल निवेशकों के लिए खुला रहेगा।
किसके लिए कितना हिस्सा
आईपीओ का अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए आरक्षित है। वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 35 प्रतिशत और एनआईआई के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रहेगा।
GMP पहुंचा 14 रुपये
इनवेस्टर्स गेन की रिपोर्ट के अनुसार ग्रे मार्केट में कंपनी का आईपीओ आज 14 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। जोकि 10 प्रतिशत के लिस्टिंग गेन की ओर संकेत कर रहा है।
क्या करती है कंपनी
यह कंपनी रियल एस्टेट डेवलमेंट सेक्टर में काम करती है। कंपनी का फोकस रेसिडेंशियल, कॉमर्शियल और मिक्सड यूज प्रोडक्ट्स का है। कंपनी प्लानिंग से लेकर कंस्ट्रक्शन तक का पूरा काम करती है। अब कंपनी के 10 प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं। 12 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। वहीं, तीन प्रोजेक्ट आने वाले हैं। बता दें, जून 2026 तक इस कंपनी के पास कुल 127 फुल टाइम कर्मचारी थे।
आईपीओ से जुटाए पैसों का क्या होगा?
कंपनी 119.83 करोड़ रुपये का उपयोग मौजूदा समय में चल रहे प्रोजेक्ट्स में खर्च करेगी। वहीं, अन्य पैसा जनरल कॉकरपोरेट कार्यों के लिए होगा। बता दें, इस समय कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 92 प्रतिशत है। वहीं, पब्लिक की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत है।
पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंपनी का प्रॉफिट टैक्स भुगतान के बाद 26.61 करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 20.43 करोड़ रुपये रहा था। पिछले वित्त वर्ष की समाप्ति तक कंपनी का कुल कर्ज भी 100 करोड़ रुपये के नीचे आ गया।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)


