IPO से पहले NSE को लेकर आई दो अच्छी खबर, Q1 में 7% बढ़ा प्रॉफिट, 1 दशक पुराना मामला भी खत्म
मुख्य बातें
- NSE Q1 Results 2026: एनएसई ने तिमाही नतीजों का ऐलान कर दिया है
- कंपनी के नेट प्रॉफिट में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है

NSE Q1 Results 2026: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का नेट प्रॉफिट चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सात प्रतिशत बढ़कर 3,120 करोड़ रुपये हो गया। आईपीओ लाने की तैयारी कर रहे एनएसई ने वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में 2,924 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था। बता दें, एनएसई ने गुरुवार को बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में उसकी कुल आय सालाना आधार पर नौ प्रतिशत बढ़कर 5,252 करोड़ रुपये हो गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 4,798 करोड़ रुपये थी।
लेनदेन शुल्क से होने वाली एनएसई की आय बढ़कर 3,623 करोड़ रुपये हो गई, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 3,154 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा, डेटा कनेक्टिविटी शुल्क से 258 करोड़ रुपये, ऑपरेटिंग इनवेस्टमेंट इनकम से 234 करोड़ रुपये और डेटा फीड तथा टर्मिनल सेवाओं से 150 करोड़ रुपये की आय हुई।
दशकों पुराने मामले में भी राहत
सेबी ने को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामले में भी सेटलमेंट एनएसई के साथ सेटेलमेंट करने का फैसला किया है। जोकि कंपनी के लिए बड़ी राहत की बात है। इससे अब स्टॉक मार्केट में कंपनी की लिस्टिंग का रास्ता साफ हो जाएगा।
30 जुलाई को मार्केट रेगुलेटर ने दी जानकारी में कहा है कि 1491.211 करोड़ रुपये के सेटलमेंट पर सहमति हुई है। एनएसई के बोर्ड ने सेटेलमेंट प्रोसेस का अप्रूवल दे दिया है। इस कदम के साथ ही दशकों पुराने कानूनी मामला समाप्त हो गया है। बता दें, एनएसई के आईपीओ को लेकर पिछले कई वर्षों से लगातार प्रयास हो रहा है। लेकिन किसी ना किसी कानूनी दांवपेंच की वजह आईपीओ में दे हो रही थी।
क्या था मामला?
2015 में एक मामला सामने आया था जिसमें पता चला था कि कुछ ब्रोकर को कंपनी की को-लोकशन की सुविधा मिली हुई थी। जिसका वो लाभ उठा रहे थे। इसके बाद एक बड़ी जांच की प्रक्रिया शुरू हुई। बता दें, 2009 में एनएसई ने को-लोकेशन की सुविधा शुरू की थी। इसमें सदस्यों को एनएसई परिसर में स्पीड के लिए सर्वर लगाने की सुविधा मिली थी। 6 साल के बाद स्वतत्रंत लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ ब्रोकर्स को जल्दी लॉगइन की सुविधा मिली हुई थी। जिसका वो गलत फायदा उठा रहे थे।
एनएसई ने एक्सपर्ट की एक टीम को गठित किया था। इस कमिटी ने बिना कोई व्यवस्थिति जांच पड़ताल के केस को समाप्त कर दिया था।
एनएसई IPO के लिए तैयारी जोरों पर
जून के महीने में कंपनी ने RHP फाइल किया था। इस ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार कुल 149 मिलियन शेयरों की बिक्री ऑफर फार सेल के जरिए होगी। रिपोर्ट के अनुसार आईपीओ का साइज 29780 करोड़ रुपये का होगा।
(भाषा के इनपुट के साथ)


