NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785 रुपये सेट, GMP 200 रुपये के नीचे लुढ़का, कब से ओपन हो रहा इश्यू?
मुख्य बातें
- NSE IPO Price Band: एनएसई ने आईपीओ के लिए 1700 रुपये से 1785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है
- आईपीओ के प्रस्तावित साइज में कटौती की गई है

NSE IPO Price Band: एनएसई ने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड का ऐलान कर दिया है। आईपीओ के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने 1700 रुपये से 1785 रुपये प्रति शेयर प्राइस बैंड तय किया है। आईपीओ का लॉट साइज 8 शेयरों का है। निवेशकों को कम से कम 14280 रुपये का दांव लगाना होगा। बता दें, ग्रे मार्केट में GMP 200 रुपये के नीचे चल रहा आया है।
IPO के साइज में कटौती (NSE IPO details)
पहले उम्मीद की जा रही थी कि एनएसई के आईपीओ का साइज 30,000 करोड़ रुपये रहेगा। लेकिन अब 26579.64 करोड़ रुपये फाइनल साइज आईपीओ का तय हुआ है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फार सेल पर आधारित है। आईपीओ के जरिए मौजूदा निवेशक 14.89 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। पहले 6.1 प्रतिशत हिस्सा बेचने का प्रस्ताव था। लेकिन अब इसे घटाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया गया है। बता दें, एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुला रहेगा। इस दिग्गज कंपनी की लिस्टिंग सिर्फ बीएसई में होगी।
SBI भी बेच रहा है हिस्सा
एनएसआई आईपीओ में जो मौजूदा शेयरहोल्डर्स हिस्सा बेच रहे हैं। उसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भी एक है। वहीं, जनरल लाइफ इंश्योरेंस ऑफ इंडिया लिमिटेड, कनाडा पेंशन इनवेस्टमेंट बोर्ड भी है। बता दें, एसबीआई, मॉर्गन स्टेनले, बैंक ऑफ बड़ौदा और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन की तरफ से प्रस्तावित शेयरों की बिक्री को घटा दिया गया है।
GMP में गिरावट (NSE IPO GMP Today)
इनवेस्टर्स गेन की रिपोर्ट के अनुसार ग्रे मार्केट में कंपनी की स्थिति कमजोर हुई है। मौजूदा जीएमपी 191 रुपये के स्तर पर आ गया है। जोकि 10.70 प्रतिशत के लिस्टिंग गेन को संकेत दे रहा है। एक समय यह आईपीओ ग्रे मार्केट में 257 रुपये के स्तर पर था। उसके बाद से लगातार जीएमपी में गिरावट ही देखने को ही मिली है।
आईपीओ में किसके लिए कितना हिस्सा? (NSE Fy26 Results)
क्यूआईबी के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रहेगा। वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए आईपीओ में कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया जाएगा। एनआईआई के लिए कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा आईपीओ का रहेगा।
बीएसई में एनएसई का रेवन्यू 16601 करोड़ रुपये रहा है। जोकि बीएसई के रेवन्यू 4834 करोड़ रुपये से तीन गुना से भी अधिक है। एनएसई ने 13057 करोड़ रुपये सिर्फ ट्रांजैक्शन चार्ज से जुटाए हैं। जोकि बीएसई से काफी अधिक है।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)


