IPO ने कराया पहले दिन ही 30% का फायदा, शेयरों में लगा अपर सर्किट, खरीदने की होड़
मुख्य बातें
- Milky Mist Dairy Food IPO: कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 18 प्रतिशत के प्रीमियम पर हुई है
- इसके बाद स्टॉक में 10 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है

Milky Mist Dairy Food IPO listing: मिल्की मिस्ट डेयरी फूड आईपीओ की शेयर बाजार में धमाकेदार लिस्टिंग हुई है। कंपनी के शेयरों में लिस्टिंग के बाद 10 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा है। जिसकी वजह से निवेशकों को पहले दिन ही करीब 30 प्रतिशत का फायदा हो गया है। बता दें, आज सोमवार को Milky Mist Dairy Food के आईपीओ की बीएसई में लिस्टिंग 18 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ 165 रुपये पर हुई है। लिस्टिंग के बाद निवेशकों में खरीदने की होड़ सी दिखी। जिसकी वजह से स्टॉक ने 10 प्रतिशत की छलांग लगाई। अपर सर्किट लगने के बाद नई-नवेली लिस्टेड कंपनी के शेयरों का दाम 181.45 रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
11 अगस्त को खुला था आईपीओ (Milky Mist Dairy Food IPO)
इस आईपीओ पर रिटेल निवेशकों के लिए दांव लगाने का मौका 11 अगस्त से 13 अगस्त तक था। कंपनी ने आईपीओ के लिए 140 रुपये प्रति शेयर प्राइस बैंड तय किया था। वहीं, लॉट साइज 107 शेयरो का बनाया था। जिसकी वजह से रिटेल निवेशकों को कम से कम 14980 रुपये का दांव लगाना पड़ा। बता दें, कंपनी ने अपने कर्मचारियों को एक शेयर पर 13 रुपये की छूट दी थी।
59 गुना सब्सक्राइब हुआ था आईपीओ
इस आईपीओ को 3 दिन के सब्सक्रिप्शन के दौरान कुल 59 गुना बोलियां मिली हुई थी। रिटेल कैटगरी में आईपीओ को 8.86 गुना, क्यूआईबी में 164.03 गुना और एनआईआई कैटगरी में 36.75 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। एंकर निवेशकों के लिए यह आईपीओ 10 अगस्त को खुला था। एंकर इनवेस्टर्स से कंपनी ने 465.30 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
इस कंपनी का नेट प्रॉफिट 100 करोड़ रुपये के पार (Milky Mist Dairy Food)
यह एक एफएमसीजी सेक्टर की कंपनी है। मौजूदा समय में इसका प्रभाव दक्षिण भारत में अधिक है। कंपनी की फाइनेंशियल कंडीशन समय के साथ बेहतर हुई है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का रेवन्यू 1826.86 करोड़ रुपये रहा है। तब 19.44 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 127.01 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का रेवन्यू 3145 करोड़ रुपये रहा है।
आईपीओ से जुटाए पैसों में कंपनी 496.86 करोड़ रुपये से मौजूदा कर्ज को चुकाएगी। वहीं, 469.24 करोड़ रुपये का प्रयोग कंपनी पेरुंदुरई मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के विकसित करने के लिए करेगी। 155.31 करोड़ रुपये से विसि कूलर्स, आईस्क्रीम फ्रीजर्स और चॉकलेट कूलर के लिए करेगी। बाकि बचे पैसों का उपयोग जनरल कॉरपोरेट कार्यों के लिए किया जाएगा।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)


