इस हफ्ते खत्म होगा NSE आईपीओ का इंतजार? रॉकेट बना यह शेयर, ₹90 के पार भाव

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मुख्य बातें

  • सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को ही IFCI शेयर 2% की बढ़त के साथ 91.45 रुपये तक जा पहुंचा
  • IFCI के लॉन्ग टर्म शेयर परफॉर्मेंस की बात करें तो साल 2026 में अब तक 68% की बढ़त हासिल की है
इस हफ्ते खत्म होगा NSE आईपीओ का इंतजार? रॉकेट बना यह शेयर, ₹90 के पार भाव

IFCI stock price: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ का इंतजार खत्म होने वाला है। एनएसई इसी हफ्ते भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास आईपीओ के लिए शुरुआती दस्तावेज दाखिल कर सकता है। एनएसई IPO लिस्टिंग की प्रक्रिया जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसका फायदा IFCI शेयर को मिल रहा है। सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को ही यह शेयर 2% की बढ़त के साथ 91.45 रुपये तक जा पहुंचा। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई भी है। यह लगातार तीसरा कारोबारी दिन है जब IFCI शेयर में बढ़त दर्ज की गई है। यह शेयर सिर्फ तीन सेशन में लगभग 30% ऊपर चढ़ गया है। IFCI के लॉन्ग टर्म शेयर परफॉर्मेंस की बात करें तो साल 2026 में अब तक 68% की बढ़त हासिल की है और अकेले पिछले एक महीने में इनमें 41% की तेजी आई है। लंबे समय के नजरिए से देखें तो इस स्टॉक ने तीन साल में 638% और पांच साल में 577% का रिटर्न दिया है।

दरअसल, IFCI का कनेक्शन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई से है। दरअसल, IFCI की स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) में 52.86% हिस्सेदारी है और SHCIL की दिसंबर तिमाही तक NSE में 4.4% हिस्सेदारी है। SHCIL में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी के जरिए, IFCI को NSE में इनडायरेक्ट एक्सपोजर मिलता है, जिससे इसका स्टॉक एक्सचेंज के IPO से जुड़ी गतिविधियों के प्रति काफी संवेदनशील हो जाता है।

फरवरी में मंजूरी

बता दें कि एनएसई के निदेशक मंडल ने छह फरवरी को प्रस्तावित आईपीओ को मंजूरी दी थी। यह मंजूरी सेबी से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, यह आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा, यानी इसमें देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज की ओर से कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

एनएसई के शेयरधारकों में घरेलू वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेशक और व्यक्तिगत निवेशक शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ एनएसई की सबसे बड़ी शेयरधारक है। वहीं भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और उसकी सब्सिडयरी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 7.5 प्रतिशत है। विदेशी निवेशकों में टेमासेक की सब्सिडयरीह अरांदा इन्वेस्टमेंट्स और कनाडा के पेंशन योजना निवेश बोर्ड (सीपीपीआईबी) की भी बड़ी हिस्सेदारी है।

2016 से हो रहा था प्रयास

एनएसई ने पहली बार 2016 में लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे, लेकिन सेबी ने कामकाज के संचालन और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के कारण मंजूरी रोक दी थी। बहरहाल, आईपीओ की तैयारी के तहत एनएसई ने 20 मर्चेंट बैंकर के अलावा कानूनी सलाहकारों और अन्य मध्यस्थों की नियुक्ति की है।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

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हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

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