छुपा रुस्तम निकला Farm Peace IPO, मिनटों में 90% का फायदा, धमाकेदार हुई लिस्टिंग
मुख्य बातें
- Farm Peace IPO Listing: फार्म पीस आईपीओ की 90 प्रतिशत के प्रीमियम पर लिस्टिंग हुई है
- कंपनी गुजरात में किसानों के साथ मिलकर आलू के कारोबार में है

Farm Peace IPO Listing: फार्म पीस आईपीओ की धमाकेदार लिस्टिंग हुई है। कंपनी का आईपीओ बीएसई एसएमई में 90 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ 112.10 रुपये पर लिस्ट हुआ है। जिसकी वजह से निवेशकों को मोटा रिटर्न पहले दिन ही मिल गया है। आईपीओ का प्राइस बैंड 59 रुपये प्रति शेयर था। यह आईपीओ रिटेल निवेशकों के लिए 1 सितंबर से 3 सितंबर तक खुला था। बता दें, आईपीओ का लॉट साइज 2000 शेयरों का था। किसी भी रिटेल निवेशक को कम से कम 4000 शेयरों पर एक साथ दांव लगाना पड़ा था। जिसकी वजह से मिनिमम इनवेस्टमेंट 236000 रुपये का करना पड़ा।
कितना हुआ था सब्सक्राइब (Farm Peace IPO)
आईपीओ को महज 1.16 गुना ही सब्सक्रिप्शन मिला था। रिटेल कैटगरी में आईपीओ 0.59 गुना, एनआईआई में 1.73 गुना सब्सक्राइब किया गया। क्यूआईबी कैटगरी में कोई भी सब्सक्रिप्शन नहीं मिला था।
ग्रे मार्केट में क्या स्थिति थी? (Farm Peace IPO GMP)
Farm Peace के आईपीओ की ग्रे मार्केट में स्थिति काफी मजबूत थी। आईपीओ का जीएमपी आज मंगलवार को 59 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। जोकि 100 प्रतिशत के लिस्टिंग गेन को संकेत दे रहा था। आईपीओ की लिस्टिंग भी ग्रे मार्केट से मिल संकेतों के करीब ही हुई है। बता दें, एसएमई सेगमेंट के आईपीओ की लिस्टिंग सीमा 90 प्रतिशत प्रीमियम कर दी गई है। बीच में कुछ समय ऐसा भी आया था जब एसएमई सेगमेंट के आईपीओ 100 प्रतिसत से अधिक के प्रीमियम पर लिस्ट होने लगे थे। निवेशकों का नुकसान से बचाने के लिए आईपीओ की लिस्टिंग हुई है।
आईपीओ का साइज कितना था?
फार्म पीस आईपीओ का साइज 32 करोड़ रुपये था। आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश शेयरों पर ही आधारित था। कंपनी ने आईपीओ के जरिए 54.24 लाख फ्रेश शेयर जारी किए हैं। बता दें, मौजूदा निवेशकों की तरफ से आईपीओ में एक भी शेयर नहीं बेचा गया है।
क्या करती है कंपनी
इस कंपनी की शुरुआत 2021 में हुई थी। यानी कंपनी महज 5 साल पुरानी है। यह कॉन्ट्रैक्ट आधारित फार्मिंग करती है। अपने खेतों में यह आलू की अलग-अलग वरायटी का उत्पादन करती है। कंपनी गुजरात में काम कर रही है। यह BUY back मॉडल पर अपने काम को बढ़ा रही है।
आईपीओ के पैसों का क्या होगा?
वर्किंग कैपिटल में कंपनी 23 करोड़ रुपये का प्रयोग करेगी। वहीं, जनरल कॉरपोरेट कार्यों में 4.80 करोड़ रुपये और इश्यू के दौरान हुए खर्च में 4.20 करोड़ रुपये का प्रयोग होगा।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)


