शेयर बाजार के बाउंसबैक से निवेशकों ने बनाए ₹10 लाख करोड़, 3 फैक्टर ने दी रफ्तार

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मुख्य बातें

  • डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान से ईरान और अमेरिका के बीच जंग खत्म होने के संकेत मिले थे
  • इस खबर की वजह से सेंसेक्स 1,695.40 अंक की बढ़त में 75,527.95 अंक पर बंद हुआ
  • इस तूफानी तेजी की वजह से निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है
शेयर बाजार के बाउंसबैक से निवेशकों ने बनाए ₹10 लाख करोड़, 3 फैक्टर ने दी रफ्तार

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद में भारतीय शेयर बाजार ने जबरदस्त बाउंसबैक किया है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन उत्साहित निवेशकों की खरीदारी से सेंसेक्स 876 अंक चढ़कर खुला। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,695.40 अंक (2.30 प्रतिशत) की बढ़त में 75,527.95 अंक पर बंद हुआ। यह 29 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 461.30 अंक यानी 1.99 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,622.90 अंक पर बंद हुआ जो 27 मई के बाद का इसका सबसे हाई क्लोजिंग है। बाजार की इस तूफानी तेजी की वजह से निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। आइए जानते हैं कि आखिर शेयर बाजार में तेजी के प्रमुख कारण क्या-क्या हैं?

ट्रंप के बयान का असर

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान से ईरान और अमेरिका के बीच जंग खत्म होने के संकेत मिले थे। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले घोषणा की थी कि अमेरिका गुरुवार को ईरान पर फिर से 'बेहद भीषण' हमले करेगा लेकिन बाद में उन्होंने यह कहते हुए हमलों को रद्द करने की घोषणा की कि वार्ताकारों ने ईरान के साथ एक बेहतरीन समझौता कर लिया है। उन्होंने कहा, "यह समझौता दस्तावेजों को अंतिम रूप दिये जाने के अधीन है, जो अगले कुछ दिनों में पूरा हो जाना चाहिए।"

हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने समझौते की खबरों को 'अटकलबाजी' करार देते हुए कहा कि अभी कुछ भी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। बता दें कि ट्रंप पहले भी ईरान के साथ समझौता करीब होने का दावा कर चुके हैं, जबकि असल में तब ऐसा कुछ भी धरातल पर नहीं उतरा था।

कच्चे तेल के दाम में गिरावट

ट्रंप के बयान की वजह से निवेशकों को उम्मीद जगी कि वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से पूरी तरह खुल सकता है। इसी कारण तेल बाजार में भी भारी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 फीसदी गिरकर 87 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। कुछ महीने पहले यही कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गई थीं। तेल सस्ता होने से भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम हो सकता है।

ग्लोबल मार्केट गुलजार

ट्रंप के बयान का असर ग्लोबल मार्केट में भी दिखा। जापान का निक्केई 3 फीसदी, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4 फीसदी और ताइवान का बाजार 2 फीसदी से अधिक चढ़ा। वहीं, अमेरिका का नैस्डैक और एसएंडपी 500 भी मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

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हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

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