शेयर मार्केट फिर क्रैश, क्यों डूब रहे सेंसेक्स-निफ्टी, ₹5 लाख करोड़ से अधिक स्वाहा
शेयर मार्केट में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, कच्चे तेल के दाम में तेजी और महंगाई का डर है। आइए समझते हैं कि और किन बाजार क्यों गिर रहा है और निवेशकों को किन बातों की चिंता है।

आज सुबह से ही भारतीय शेयर मार्केट बिकवाली के मोड में है। निफ्टी 23,415 पर खुला और महज एक घंटे में 23,225 तक आ गया, यानी 250 अंकों की गिरावट हुई। सेंसेक्स 74,507 पर खुला और 73,659 के निचले स्तर तक गया, यानी 950 अंकों से अधिक टूटा। इस गिरावट के चलते बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,62,67,787.61 करोड़ रुपये से घटकर 4,57,45,739.04 करोड़ रुपये रह गया। यानी निवेशकों को करीब 5 लाख करोड़ से अधिक का झटका लगा।
शेयर मार्केट क्रैश होने की 5 अहम वजहें
1. अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई का डर
अमेरिका और ईरान की शांति की बातचीत रुक गई है। खबरों के मुताबिक, ईरान ने बहरीन और कुवैत जैसी जगहों पर मिसाइल से हमले किए, जिन्हें रोक दिया गया। लेकिन इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। बाजार के जानकार अनुज गुप्ता कहते हैं कि इसी भू-राजनीतिक तनाव की वजह से बाजार में बिकवाली का दबाव बना है।
2. महंगाई बढ़ने की चिंता
कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ने लगी हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% तेल बाहर से मंगाता है। जब तेल महंगा होता है तो देश का डॉलर बाहर जाता है और चीज़ें महंगी होती हैं। इसलिए निवेशकों को डर है कि महंगाई और बढ़ेगी। बाजार विशेषज्ञ अविनाश गोरक्षकर का कहना है कि विदेशी निवेशक पहले से ही बिकवाली कर रहे हैं, ऐसे में तेल की बढ़ती कीमत और दबाव बनाएगी।
3. RBI की बैठक और ब्याज दरों का डर
आज से भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की अहम बैठक शुरू हुई है। शुक्रवार को इस बैठक का फैसला आएगा। बाजार को डर है कि कहीं ब्याज दरें बढ़ा दी जाएं। अगर ऐसा हुआ तो बाजार में पैसे की कमी हो जाएगी और शेयरों में और गिरावट आ सकती है। संदीप पांडे के अनुसार, निवेशक इसी इंतजार में हैं और इसी वजह से बाजार संभलकर कदम रख रहा है।
4. कमजोर मानसून की आशंका
मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार मानसून बहुत अच्छा नहीं रहेगा। बारिश कम होगी तो खेती पर बुरा असर पड़ेगा और पूरी अर्थव्यवस्था पर दबाव आएगा। इससे कंपनियों की कमाई घट सकती है और बाजार की चाल कमजोर रह सकती है। यह डर भी शेयर बाजार को नीचे ले जाने का काम कर रहा है।
5. देश का डॉलर भंडार घट रहा है
विदेशी निवेशक लगातार पैसा निकाल रहे हैं और रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर है। इससे देश का डॉलर का भंडार कम हो रहा है। सरकार ने यहां तक कह दिया है कि सोने, चांदी और कुछ धातुओं का आयात कम करो, ताकि डॉलर कम बाहर जाए। अनुज गुप्ता कहते हैं कि बाजार को यह बात समझ आ गई है कि डॉलर का भंडार दबाव में है और इसी वजह से भी बिकवाली हो रही है।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


