सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में 200% रिटर्न! एग्जिट पर टैक्स लगेगा या नहीं? जान लें ये 3 बड़े टैक्स नियम
Sovereign Gold Bond New Rules: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2020-21 सीरीज-VII के लिए RBI ने प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन विंडो खोल दी है। अगर निवेशक RBI के जरिए रिडेम्प्शन करते हैं, तो उन्हें कैपिटल गेन टैक्स से छूट मिलती है, लेकिन एक्सचेंज पर बेचने पर टैक्स देना पड़ सकता है। आइए इसकी डिटेल्स जानते हैं।

Sovereign Gold Bond New Rules: भारत में गोल्ड निवेश करने वालों के लिए आज का दिन खास है, क्योंकि RBI (Reserve Bank of India) ने SGB (Sovereign Gold Bond) 2020-21 सीरीज-VII के लिए प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन विंडो खोल दी है। इस बार रिडेम्प्शन प्राइस ₹15,254 प्रति यूनिट तय किया गया है, जो इसके इश्यू प्राइस ₹5,051 के मुकाबले करीब 202% का जबरदस्त रिटर्न देता है। ऐसे में कई निवेशक मुनाफा बुक करने का सोच रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस पैसे पर टैक्स देना होगा?
पूरी तरह टैक्स-फ्री
सरल भाषा में समझें तो अगर आपने SGB सीधे RBI से खरीदे थे और अब 5 साल के लॉक-इन के बाद RBI के जरिए ही रिडेम्प्शन कर रहे हैं, तो आपको कैपिटल गेन पर कोई टैक्स नहीं देना होगा, यानी जो मुनाफा आपको मिला है, वो पूरी तरह टैक्स-फ्री रहेगा। यह SGB की सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है, जो इसे फिजिकल गोल्ड या गोल्ड ETF से अलग बनाती है।
लॉन्ग एंड शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स
लेकिन, मामला थोड़ा बदल जाता है, अगर आपने ये बॉन्ड शेयर बाजार से खरीदे हैं या फिर एक्सचेंज पर बेचते हैं। ऐसे में यह निवेश स्टॉक्स की तरह ट्रीट होता है और उस पर कैपिटल गेन टैक्स लागू हो सकता है। अगर आपने लंबे समय तक होल्ड किया है, तो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा, जबकि कम समय में बेचने पर शॉर्ट टर्म टैक्स आपकी इनकम स्लैब के हिसाब से देना पड़ सकता है।
एक और जरूरी बात जो अक्सर लोग भूल जाते हैं, वह SGB पर मिलने वाला 2.5% सालाना ब्याज है। यह ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है और इसे आपकी इनकम में जोड़ा जाता है। यह ब्याज हर 6 महीने में आपके बैंक खाते में आता है, इसलिए उस पर टैक्स नियम लागू होते हैं।
इस रिडेम्प्शन का महत्व इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि पिछले कुछ सालों में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई है। यही वजह है कि इसके निवेशकों को 200% से ज्यादा का रिटर्न मिला है। ऐसे में अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं और टैक्स बचाना चाहते हैं, तो RBI के जरिए रिडेम्प्शन करना ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।
SGB एक ऐसा निवेश है, जो सुरक्षा, अच्छा रिटर्न और टैक्स बेनिफिट तीनों का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देता है। लेकिन, एग्जिट करते समय सही तरीका चुनना बेहद जरूरी है, वरना आपका मुनाफा टैक्स में कट सकता है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही
नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।


