बायजू रवींद्रन को जेल जाना होगा? इस कोर्ट ने सजा पर रोक से किया इनकार
मुख्य बातें
- सिंगापुर हाईकोर्ट (HC) ने बायजू रवींद्रन को सुनाई गई छह महीने की जेल की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है
- बता दें कि मई महीने में सिंगापुर की एक अदालत ने बायजू रवींद्रन को जेल की सजा सुनाई थी

एडुटेक की चर्चित कंपनी रही बायजू के फाउंडर बायजू रवींद्रन को जेल जाना पड़ सकता है। दरअसल, सिंगापुर हाईकोर्ट (HC) ने बायजू रवींद्रन को सुनाई गई छह महीने की जेल की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसका मतलब है कि अगर रवींद्रन सिंगापुर जाते हैं तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। बता दें कि मई महीने में सिंगापुर की एक अदालत ने बायजू रवींद्रन को जेल की सजा सुनाई थी।
रवींद्रन ने राहत के लिए दी थी अर्जी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने 9 जुलाई को रवींद्रन की उस अर्जी को खारिज कर दिया जिसमें सजा पर रोक लगाने की मांग की गई थी। रवींद्रन के सीनियर लिटिगेशन एडवाइजर और लॉ फर्म 'लाजरेफ ले बार्स' के फउंडर जे. माइकल मैकनट ने एक बयान में कहा,, “मिस्टर रवींद्रन का कहना है कि उन्होंने जान-बूझकर या किसी और तरह से अदालत के किसी आदेश का उल्लंघन नहीं किया है और वे सही कानूनी प्रक्रिया के जरिए हर कानूनी उपाय अपनाना जारी रखेंगे।”
मई के फैसले पर क्या बोले थे रवींद्रन?
रवींद्रन ने कहा था कि मामला न्यायालय के आदेश की अवमानना से जुड़ा है, जो सुनवाई के दौरान दस्तावेजों के खुलासे को लेकर हुए विवाद से उपजा है। यह धोखाधड़ी, बेईमानी या किसी अन्य गलत काम के आरोपों से संबंधित मामला नहीं है। रवींद्रन के मुताबिक ग्लास ट्रस्ट और क्यूआईए सहित अलग-अलग लेंडर्स और हितधारक (बायजू के) संस्थापकों, अन्य पक्षों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं, जिससे सैद्धांतिक रूप से एक समझौते पर सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि कुछ मामूली मुद्दे ही बचे हैं, जिन पर कुछ पक्षों के बीच सहमति कायम होना बाकी है।
रवींद्रन ने तब कहा, "बचे हुए मुद्दों में मेरी कोई भूमिका नहीं है। मुझे इस बात का दुख है कि सिंगापुर की अदालत में विचाराधीन हालिया मामले को इस तरह से आगे बढ़ाया गया और रिपोर्ट किया गया, जिससे मेरे बारे में गलत धारणा बनी, खासकर ऐसे समय में, जब सभी प्रमुख पक्ष समझौते से जुड़ी बातचीत लगभग पूरी कर चुके हैं।" रवींद्रन ने कहा कि समझौते से संबंधित बातचीत के दौरान पक्षों ने यह भी स्वीकार किया है कि उनकी या अन्य संस्थापकों की ओर से कोई गलत काम नहीं किया गया है।
रवींद्रन के मुताबिक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस संवेदनशील समय में इस मामले का इस्तेमाल एक विपरीत सार्वजनिक विमर्श गढ़ने के लिए किया जा रहा है। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पिछले कुछ महीनों में मैंने कई अदालती मामलों में सक्रिय रूप से पैरवी नहीं की क्योंकि पक्षकार एक व्यापक समझौते की दिशा में काम कर रहे थे। मैंने टकराव के बजाय समाधान को चुना।
कंपनी के बारे में?
एक पूर्व टीचर रहे रवींद्रन ने ऑनलाइन ट्यूटरिंग कंपनी 'थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड' शुरू की थी, जो 'बायजू' (Byju's) के नाम से मशहूर हुई। इस कंपनी ने भारत के ऑनलाइन एजुकेशन सेक्टर में एक नई तरह की क्रांति लाई। इस कंपनी के ब्रांड एंबेसडर मेसी और शाहरुख खान बने। इससे रवींद्रन की भी दौलत में बड़ा इजाफा हुआ और वह अरबपति बन गए। हालांकि, तेजी से विस्तार, कर्ज संकट और कथित कॉर्पोरेट गवर्नेंस की कमियों के कारण कंपनी बाद में बिखर गई।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
और पढ़ें

