Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़Sebi starts proceedings against this finfluencer to recover over 17 crore rupees Baap of Charts crackdown
शेयर बाजार में कंपनी पहले से ही बैन, अब चर्चित फिनफ्लुएंसर पर सेबी का बड़ा एक्शन

शेयर बाजार में कंपनी पहले से ही बैन, अब चर्चित फिनफ्लुएंसर पर सेबी का बड़ा एक्शन

संक्षेप:

15 दिसंबर को जारी आदेश के मुताबिक, सेबी ने अंसारी से जुड़े बकाया की रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अंसारी पर करीब ₹21 लाख, जबकि उनकी कंपनी गोल्डन सिंडिकेट वेंचर्स पर करीब ₹17.90 करोड़ की वसूली की जानी है।  

Dec 15, 2025 09:19 pm ISTVarsha Pathak मिंट
share Share
Follow Us on

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने चर्चित फिनफ्लुएंसर मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी (जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘Baap of Charts’ (BoC) के नाम से जाना जाता है) के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। 15 दिसंबर को जारी आदेश के मुताबिक, सेबी ने अंसारी से जुड़े बकाया की रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अंसारी पर करीब ₹21 लाख, जबकि उनकी कंपनी गोल्डन सिंडिकेट वेंचर्स पर करीब ₹17.90 करोड़ की वसूली की जानी है। इसके अलावा राहुल राव पदमाती के खिलाफ भी ₹2.13 लाख की रिकवरी कार्रवाई शुरू की गई है। सेबी इससे पहले 2023 में अंसारी और उनकी फर्म को शेयर बाजार में ट्रेडिंग से बैन कर चुका है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

क्या है डिटेल

SEBI की जांच में सामने आया था कि नसीर अंसारी ‘Baap of Charts’ के नाम पर निवेशकों को गारंटीड रिटर्न का लालच देकर ठग रहे थे। वे सोशल मीडिया के जरिए बिना सेबी रजिस्ट्रेशन के इनवेस्टमेंट एडवाइजरी सेवाएं दे रहे थे, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। रेगुलेटर ने यह भी पाया कि अंसारी और उनकी टीम को करीब 2.5 साल में ₹3 करोड़ का ट्रेडिंग लॉस हुआ था, जिसे उन्होंने अपने क्लाइंट्स से छुपाया। यानी जिस व्यक्ति को निवेश सिखाने और मुनाफे का दावा किया जा रहा था, वह खुद घाटे में था।

सेबी ने दिए ये निर्देश

रिकवरी के तहत 22 अगस्त 2025 को सेबी के रिकवरी ऑफिसर ने बैंकों को निर्देश दिए थे कि डिफॉल्टर्स के खातों में मौजूद रकम सेबी को ट्रांसफर की जाए। इसके साथ ही म्यूचुअल फंड कंपनियों को भी आदेश दिया गया कि अंसारी और अन्य डिफॉल्टर्स के नाम पर मौजूद म्यूचुअल फंड यूनिट्स रिडीम कर रकम सेबी को भेजी जाए। लेकिन सेबी का कहना है कि बैंक खातों और निवेशों से मिलने वाली रकम बकाया चुकाने के लिए पर्याप्त नहीं है।

इसी वजह से सेबी ने अब और सख्त कदम उठाते हुए अंसारी और अन्य डिफॉल्टर्स को अपनी चल और अचल संपत्तियां बेचने, ट्रांसफर करने या गिरवी रखने से रोक दिया है। आदेश में साफ कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति ऐसी संपत्तियों से कोई फायदा नहीं उठा सकता, क्योंकि वे अब अटैच मानी जाएंगी। इसके अलावा, डिफॉल्टर्स को दो हफ्ते के भीतर अपनी सभी संपत्तियों का पूरा ब्योरा और अचल संपत्तियों के मूल दस्तावेज सेबी को सौंपने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि हाल ही में सेबी ने एक अन्य फिनफ्लुएंसर अवधूत साठे के खिलाफ भी ₹546 करोड़ से ज्यादा की रकम इम्पाउंड करने का आदेश दिया है, जिससे साफ है कि फर्जी फिनफ्लुएंसर्स पर शिकंजा कसता जा रहा है।

Varsha Pathak

लेखक के बारे में

Varsha Pathak
वर्षा पाठक बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर करीब 2 साल से हिन्दुस्तान डिजिटल से जुड़ी हुई हैं। मूल रूप से मधुबनी (बिहार) की रहने वाली वर्षा लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें बिजनेस सेक्शन के अलग-अलग जॉनर की खबरों की समझ है। इसमें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी आदि शामिल हैं। करीब 7 साल से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय वर्षा ने यहां से पहले दैनिक भास्कर और नेटवर्क 18 में बतौर कंटेंट राइटर काम किया है। उन्हें रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। करियर की छोटी अवधि में ही वर्षा के काम की ना सिर्फ सराहना हुई है बल्कि सम्मानित भी किया गया है। वर्षा ने जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में डिप्लोमा की डिग्री ली। और पढ़ें
जानें Hindi News, Business News की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।