सेबी का नया प्रस्ताव, एक्सचेंज के मौजूदा ढांचे में आएगा बड़ा बदलाव
मुख्य बातें
- Sebi New Proposal: कई बार देखा जाता है कि एक एक्सचेंज में काफी हलचल है और दूसरे में उस हिसाब से प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है
- जिसकी वजह से लिस्टेड स्टॉक्स की कीमत में अंतर आ जाता है
- इसे ही समाप्त करने के लिए सेबी ने नया प्रस्ताव दिया है

Sebi New Proposal: बाजार को रेगुलेट करने वाली संस्था सेबी ने एक नया प्रस्ताव दिया है। इसके अनुसार प्री ओपनिंग काल ऑक्शन के दौरान प्रयोग किया जाने वाला बेस प्राइस और कई एक्सचेंज में लिस्टेड स्टॉक के रोजाना प्राइस बैंड में एकरुपता लाना है। यह प्रस्ताव का मकसद दो या उससे अधिक एक्सचेंड के कीमत के अंतर को दूर करना है। कई बार यह देखने को मिलता है कि किसी एक एक्सचेंज में काफी हलचल है जबकि दूसरे में निवेशक शांत हैं। इसी वजह से कीमतों में अंतर पैदा हो जाता है।
क्या है मौजूदा नियम
इस समय जो नियम लागू हैं उसके अनुसार ऐसे स्टॉक जो डेरिवेटिव सेगमेंट में ट्रेड नहीं करते हैं उनके लिए एक स्पेशल प्राइस बैंड लागू होता है। यह पिछले दिनों की क्लोजिंग की तुलना में 20 प्रतिशत तक हो सकता है। पिछले दिनों की क्लोडिंग प्राइस प्री ओपनिंग सेशन के लिए रेफरेंस का भी काम करता है। बता दें, हर एक एक्सचेंज अपना क्लोजिंग प्राइस देखता है। ऐसे में अगर किसी एक एक्सचेंज पर कोई शेयर कई दिनों तक ट्रेड ही नहीं कर रहा है जबकि दूसरे एक्सचेंज पर ट्रेडिंग हो रही है तो इस स्थिति में कीमतों में अंतर आ सकता है। इसी को ठीक करने के लिए सेबी की तरफ से नया प्रस्ताव दिया गया है।
क्या है सेबी का नया प्रस्ताव
सेबी के नए प्रपोजल के अनुसार अगर कोई स्टॉक दो एक्सचेंज पर रजिस्टर्ड है। लेकिन एक पर ट्रेड नहीं कर रहा है। और दूसरे पर ट्रेड कर रहा है। तो इस स्थिति में एक्टिव एक्सचेंज का क्लोजिंग प्राइस ही दोनों एक्सचेंज के लिए मान्य होगा। वहीं, अगर दो से अधिक एक्सचेंज पर कोई स्टॉक ट्रेड कर रहा है। लेकिन किसी कारणवश एक एक्सचेंड पर ट्रेडिंग किसी दिन नहीं हुई। तो अगले दिन बेस प्राइस के लिए जिस एक्सचेंज पर सबसे ज्यादा वैल्यूएम उस स्टॉक का रहेगा उसे ही माना जाएगा।
सेबी के अनुसार यह देखा गया है कि इस तरह की समस्या लिक्विड सिक्योरिटीज में देखने को मिलता है। कुछ मामलों में एक एक्सचेंज पर तो खरीदारी होती है लेकिन दूसरे पर नहीं। ऐसी स्थिति में कीमतो में अंतर आ जाता है। ऐसी स्थिति में अंतर कीमतों के सही निर्धारण बिगड़ जाता है।
सेबी की तरफ से यह भी कहा गया है कि एक्सचेंज इस प्रक्रिया के लिए एग्रीमेंट्स कर लें या फिर कोई ऐसी व्यवस्था बना लें जिससे क्लोजिंग प्राइस का आंकड़ा एक दूसरे को आसानी से दिया जा सके। बता दें, सेबी के इस नए प्रस्ताव पर आम लोग भी राय दे सकते हैं। इसके लिए 2 जुलाई 2026 तक लोग राय दे सकते हैं।
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singhतरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।


