
सेबी बदल रहा नियम, KYC वेरिफिकेशन के बाद ही खुलेगा म्यूचुअल फंड खाता
अभी म्यूचुअल फंड के नए खाते खोलने के लिए केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) प्रक्रिया अनिवार्य है, लेकिन कुछ मामलों में खाता केवाईसी पूरी होने से पहले ही खुल जाते हैं। ऐसा होने से निवेशकों और म्यूचुअल फंड योजनाओं का संचालन करने वाली एसेट प्रबंधन कंपनियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड अकाउंट खोलने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अब किसी भी निवेशक का नया म्यूचुअल फंड खाता तभी खुलेगा, जब उसकी केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह सत्यापित हो जाएगी। अभी कई मामलों में अधूरे दस्तावेजों के साथ भी खाता खोल दिया जाता है।

सेबी के नए प्रस्ताव के मुताबिक, निवेशक का खाता तभी पूरी तरह संचालित माना माना जाएगा, जब उसकी पहचान को केवाआई एजेंसी से अंतिम मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद ही पहला निवेश संभव होगा। निवेशक को इस प्रक्रिया के हर चरण की जानकारी मोबाइल या ई-मेल के जरिए मिलती रहेगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या देरी से बचा जा सके। म्यूचुअल फंड कंपनियों और केंद्रीय केवाईसी एजेसिंयों को अपनी प्रणाली और कामकाज को नए प्रस्तावित नियमों के हिसाब से ढालने के निर्देश दिए गए हैं। सेबी ने इस प्रस्ताव पर 14 नवंबर तक सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।
अभी क्या है स्थिति
वर्तमान में म्यूचुअल फंड के नए खाते खोलने के लिए केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) प्रक्रिया अनिवार्य है, लेकिन कुछ मामलों में खाता केवाईसी पूरी होने से पहले ही खुल जाते हैं। ऐसा होने से निवेशकों और म्यूचुअल फंड योजनाओं का संचालन करने वाली परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
निवेशकों को होती है दिक्कत
अधूरे या गलत केवाई विवरण होने से निवेशक नए खातों में लेनदेन नहीं कर पाते हैं और उन्हें खातों को भुनाने या लाभांश पाने में भी दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा एएमसी को भी योजना की जानकारी साझा करने और राशि जमा कराने में कठिनाई होती है।
यह होगी नई प्रक्रिया
- निवेशक को नए खाता खुलवाने के लिए अपने दस्तावेज म्यूचुअल फंड कंपनियों को देने होंगे
- कंपनी उन दस्तावेजों को केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों (केआरए) को अंतिम सत्यापन के लिए भेजेगी
- एजेंसी दस्तावेजों की जांच के बाद नए खाते को केवाईसी सत्यापित के रूप में चिह्नित करेगा।
- इसके बाद ही निवेशक खाते में पहला निवेश करने के लिए अधिकृत होगा।
- निवेशक को केवाईसी प्रक्रिया के हर चरण में पंजीकृत ईमेल और मोबाइल नंबर के माध्यम से सूचना दी जाएगी।
यहां भी पहले राहत दी जा चुकी है राहत
1. निवेशकों को पूरी जानकारी देनी होगी
अब फंड कंपनियों को निवेशकों को ज्यादा साफ और पूरी जानकारी देनी होगी। यानी जब आप किसी म्यूचुअल फंड में निवेश करेंगे, तो आपको स्कीम से जुड़ी हर जरूरी जानकारी — जैसे जोखिम, फीस, प्रदर्शन और निवेश की रणनीति साफ तौर पर बताई जाएगी।
2. एनएफओ का निवेश जरूरी
अब म्यूचुअल फंड कंपनियों को नए फंड ऑफर (एनएफओ) से जुटाए गए पैसों को 30 दिनों के अंदर निवेश करना होगा। अगर कंपनी ऐसा नहीं करती, तो निवेशक बिना एग्जिट लोड (निकासी शुल्क) दिए अपना पैसा निकाल सकते हैं।
3. जोखिम की जानकारी पहले मिलेगी
पहले निवेशकों को अपने फंड के जोखिम स्तर की जानकारी हर महीने के अंत में मिलती थी। अब यह जानकारी हर महीने की 15 तारीख तक उपलब्ध करा दी जाएगी।





