Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़sebi is likely to change the rules mutual fund accounts can be opened only after KYC verification
सेबी बदल रहा नियम, KYC वेरिफिकेशन के बाद ही खुलेगा म्यूचुअल फंड खाता

सेबी बदल रहा नियम, KYC वेरिफिकेशन के बाद ही खुलेगा म्यूचुअल फंड खाता

संक्षेप:

अभी म्यूचुअल फंड के नए खाते खोलने के लिए केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) प्रक्रिया अनिवार्य है, लेकिन कुछ मामलों में खाता केवाईसी पूरी होने से पहले ही खुल जाते हैं। ऐसा होने से निवेशकों और म्यूचुअल फंड योजनाओं का संचालन करने वाली एसेट प्रबंधन कंपनियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

Mon, 27 Oct 2025 07:37 AMDrigraj Madheshia हिन्दुस्तान टीम
share Share
Follow Us on

बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड अकाउंट खोलने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अब किसी भी निवेशक का नया म्यूचुअल फंड खाता तभी खुलेगा, जब उसकी केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह सत्यापित हो जाएगी। अभी कई मामलों में अधूरे दस्तावेजों के साथ भी खाता खोल दिया जाता है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

सेबी के नए प्रस्ताव के मुताबिक, निवेशक का खाता तभी पूरी तरह संचालित माना माना जाएगा, जब उसकी पहचान को केवाआई एजेंसी से अंतिम मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद ही पहला निवेश संभव होगा। निवेशक को इस प्रक्रिया के हर चरण की जानकारी मोबाइल या ई-मेल के जरिए मिलती रहेगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या देरी से बचा जा सके। म्यूचुअल फंड कंपनियों और केंद्रीय केवाईसी एजेसिंयों को अपनी प्रणाली और कामकाज को नए प्रस्तावित नियमों के हिसाब से ढालने के निर्देश दिए गए हैं। सेबी ने इस प्रस्ताव पर 14 नवंबर तक सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

अभी क्या है स्थिति

वर्तमान में म्यूचुअल फंड के नए खाते खोलने के लिए केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) प्रक्रिया अनिवार्य है, लेकिन कुछ मामलों में खाता केवाईसी पूरी होने से पहले ही खुल जाते हैं। ऐसा होने से निवेशकों और म्यूचुअल फंड योजनाओं का संचालन करने वाली परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

निवेशकों को होती है दिक्कत

अधूरे या गलत केवाई विवरण होने से निवेशक नए खातों में लेनदेन नहीं कर पाते हैं और उन्हें खातों को भुनाने या लाभांश पाने में भी दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा एएमसी को भी योजना की जानकारी साझा करने और राशि जमा कराने में कठिनाई होती है।

यह होगी नई प्रक्रिया

- निवेशक को नए खाता खुलवाने के लिए अपने दस्तावेज म्यूचुअल फंड कंपनियों को देने होंगे

- कंपनी उन दस्तावेजों को केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों (केआरए) को अंतिम सत्यापन के लिए भेजेगी

- एजेंसी दस्तावेजों की जांच के बाद नए खाते को केवाईसी सत्यापित के रूप में चिह्नित करेगा।

- इसके बाद ही निवेशक खाते में पहला निवेश करने के लिए अधिकृत होगा।

- निवेशक को केवाईसी प्रक्रिया के हर चरण में पंजीकृत ईमेल और मोबाइल नंबर के माध्यम से सूचना दी जाएगी।

यहां भी पहले राहत दी जा चुकी है राहत

1. निवेशकों को पूरी जानकारी देनी होगी

अब फंड कंपनियों को निवेशकों को ज्यादा साफ और पूरी जानकारी देनी होगी। यानी जब आप किसी म्यूचुअल फंड में निवेश करेंगे, तो आपको स्कीम से जुड़ी हर जरूरी जानकारी — जैसे जोखिम, फीस, प्रदर्शन और निवेश की रणनीति साफ तौर पर बताई जाएगी।

2. एनएफओ का निवेश जरूरी

अब म्यूचुअल फंड कंपनियों को नए फंड ऑफर (एनएफओ) से जुटाए गए पैसों को 30 दिनों के अंदर निवेश करना होगा। अगर कंपनी ऐसा नहीं करती, तो निवेशक बिना एग्जिट लोड (निकासी शुल्क) दिए अपना पैसा निकाल सकते हैं।

3. जोखिम की जानकारी पहले मिलेगी

पहले निवेशकों को अपने फंड के जोखिम स्तर की जानकारी हर महीने के अंत में मिलती थी। अब यह जानकारी हर महीने की 15 तारीख तक उपलब्ध करा दी जाएगी।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia
टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल मिलाकर 20 साल का अनुभव। एचटी डिजिटल से पहले दृगराज न्यूज नेशन, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, सहारा समय और वॉच न्यूज एमपी /सीजी में रिपोर्टिग और डेस्क पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। स्पेशल स्टोरीज,स्पोर्ट्स, पॉलिटिक्स, सिनेमा, स्पोर्ट्स के बाद अब बिजनेस की खबरें लिख रहे हैं। दृगराज, लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
जानें Hindi News, Business News की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।