
इस कंपनी के शेयरों में हेरफेर के थे आरोप, सेबी ने 4 लोगों पर लगाया जुर्माना
सेबी ने शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी- जीजी इंजीनियरिंग लिमिटेड के शेयरों में हेरफेर करके धोखाधड़ी करने के आरोप में चार लोगों पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। ये चार लोग-मनीष मिश्रा, सुनील भंडारी, रेखा भंडारी और अंशु मिश्रा हैं।
कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी- जीजी इंजीनियरिंग लिमिटेड के शेयरों में हेरफेर करके धोखाधड़ी करने के आरोप में चार लोगों पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। ये चार लोग-मनीष मिश्रा, सुनील भंडारी, रेखा भंडारी और अंशु मिश्रा हैं। सेबी के एडजुडिकेटिंग ऑफिसर अमित कपूर ने अपने आदेश में कहा- मनीष मिश्रा ने अंशु मिश्रा, रेखा भंडारी और सुनील भंडारी के साथ मिलकर एक मिलीभगत वाली योजना बनाई, जिसके तहत उन्होंने यूट्यूब चैनलों पर झूठे और गुमराह करने वाले वीडियो अपलोड करके निवेशकों को GGENG (जीजी इंजीनियरिंग) के शेयर खरीदने के लिए उकसाया। इस योजना के तहत उन्होंने जीजी इंजीनियरिंग के शेयरों में नकली वॉल्यूम बनाया। इसके अलावा रेखा भंडारी और सुनील भंडारी ने ऑर्डर स्पूफिंग की, जिससे जीजी इंजीनियरिंग के शेयरों में ट्रेडिंग का गुमराह करने वाला माहौल बना। श्ह धोखाधड़ी वाली व्यापार प्रथाओं पर रोक (PFUTP) नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन है।
जांच के बाद फैसला
यह आदेश सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) द्वारा GG इंजीनियरिंग लिमिटेड के शेयर की जांच करने के बाद आया, जिसमें पाया गया कि नोटिस पाने वाले (व्यक्तियों) ने पहली नजर में मार्केट नियमों के कई प्रावधानों का उल्लंघन किया है। इसके बाद, मार्केट रेगुलेटर ने कथित उल्लंघनों के लिए 13 फरवरी, 2025 को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया।
सेबी चेयरमैन ने बताया प्लान
इस बीच, सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने शनिवार को कहा कि बाजार नियामक अगले पांच-10 वर्ष में शेयर बाजारों के लिए नई तकनीकी दिशा तय करने को एक कार्य समूह बनाने की योजना बना रहा है। यह समूह अगले 5-10 साल में शेयर बाजार की तकनीक कैसे विकसित हो सकती है, इसे देखेगा। साथ ही, यह दुनिया भर की सफल प्रथाओं की तुलना करेगा और बाजार की संरचना को मजबूत करने के नए तरीके खोजेगा। पांडेय ने कहा कि तकनीकी मजबूती बेहद जरूरी है और सेबी शेयर बाजार से जुड़ी हर तकनीकी गड़बड़ी को गंभीरता से लेता है। उन्होंने माना कि तेजी से बदलती तकनीक के कारण कभी-कभी व्यवधान आ सकते हैं, लेकिन इसके लिए मजबूत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।





