मोबाइल से करते हैं निवेश? जान लें SEBI का ये नया नियम, ऑनलाइन ठगी से भी बच जाएंगे
SEBI ने निवेशकों को फर्जी ऐप्स से बचाने के लिए वेरिफाइड ऐप लेबल पहल शुरू की है। इसके तहत प्ले स्टोर पर असली और रजिस्टर्ड ऐप्स को एक खास बैज मिलेगा, जिससे यूजर्स आसानी से सही प्लेटफॉर्म पहचान सकेंगे। यह कदम डिजिटल फ्रॉड को रोकने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

आजकल ज्यादातर लोग शेयर बाजार में निवेश मोबाइल ऐप के जरिए करते हैं, लेकिन इसी के साथ नकली ऐप्स का खतरा भी तेजी से बढ़ा है, जो निवेशकों के पैसे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। निवेशकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए SEBI (Securities and Exchange Board of India) ने एक बड़ा कदम उठाया है। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे (Tuhin Kanta Pandey) ने वेरिफाइड ऐप लेबल (Verified App Label) पहल लॉन्च की है, जिसका मकसद फर्जी मोबाइल ऐप्स से लोगों को सुरक्षित रखना है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
ऐप्स को मिलेंगे खास वेरिफाइड बैज
इस नई पहल के तहत अब SEBI-रजिस्टर्ड ब्रोकर्स के असली ऐप्स पर गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) पर एक खास वेरिफाइड (Verified) बैज दिखाई देगा। इससे यूजर्स आसानी से पहचान सकेंगे कि कौन सा ऐप असली है और कौन नकली। फिलहाल 600 से ज्यादा ऐप्स को यह बैज दिया जा चुका है, और आगे इसे अन्य फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म्स तक भी बढ़ाया जाएगा।
पहले पहचान करें और फिर निवेश करें
SEBI ने साफ कहा है कि पहले पहचान करें, फिर निवेश करें, क्योंकि फर्जी ऐप्स सिर्फ पैसे का नुकसान ही नहीं करते, बल्कि लोगों का भरोसा भी तोड़ते हैं। भारत में अब 14 करोड़ से ज्यादा निवेशक हैं और मार्केट का साइज भी तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में सुरक्षा और भी जरूरी हो गई है।
फर्जीवाड़े से सतर्क रहें निवेशक
इसके अलावा SEBI पहले ही कई कदम उठा चुका है। इसमें फर्जी कंटेंट हटवाना, UPI वेरिफिकेशन सिस्टम और एडवर्टाइजमेंट पर निगरानी करने जैसी पहल शामिल हैं। लेकिन, डिजिटल दुनिया में खतरे लगातार बदल रहे हैं, इसलिए निवेशकों को भी सतर्क रहना जरूरी है।
वेरिफाइड ऐप लेबल (Verified App Label) पहल निवेशकों के लिए एक आसान, लेकिन बेहद जरूरी सुरक्षा कवच है, जो उन्हें ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने और सुरक्षित निवेश करने में मदद करेगा।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
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