लिस्टेड कंपनी में बड़ा स्कैम…सेबी का एक्शन, डिविडेंड-बोनस शेयर पर भी लगी रोक
मुख्य बातें
- धेनु बिल्डकॉन इन्फ्रा लिमिटेड के शेयर पेनी कैटेगरी के हैं
- बीएसई पर इस शेयर की कीमत 10 रुपये से भी कम है

Dhenu Buildcon share : स्टॉक मार्केट में लिस्टेड कंपनी धेनु बिल्डकॉन इन्फ्रा लिमिटेड (DBIL) के शेयर पर दांव लगा रखा है तो ये खबर आपके लिए जरूरी है। दरअसल, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने छह संस्थाओं को DBIL में अपने शेयर बेचने से रोक दिया है। इसके साथ ही सेबी ने DBIL को अगले आदेश तक कैपिटल स्ट्रक्चर में बदलाव, बोनस शेयर जारी करने, राइट इश्यू, शेयर विभाजन या डिविडेंड जैसे कदम उठाने से रोक दिया है। मतलब ये कि फिलहाल DBIL किसी तरह के कॉरपोरेट एक्शन नहीं ले सकेगी। सेबी ने कंपनी में फंड की हेराफेरी के प्रथम दृष्टया सबूत मिलने के बाद यह कदम उठाया है।
क्या है सेबी के आदेश में?
सेबी ने कहा कि कंपनी को दिसंबर, 2024 में आठ दिन के दौरान 46 लेनदेन के जरिये सात संस्थाओं से कथित तौर पर 1,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। हालांकि, बैंक खातों की जांच में पाया गया कि इस राशि के पीछे स्वतंत्र एक्सटर्नल सोर्सेज से वास्तविक रूप से नई पूंजी के रूप में कोई समर्थन प्राप्त नहीं था। नियामक ने कहा कि इसके बजाय शुरुआती 25 करोड़ रुपये की राशि की कई इकाइयों के माध्यम से हेराफेरी की गयी और अलग-अलग रास्तों से धेनु बिल्डकॉन इन्फ्रा में वापस लाई गई। इससे ऐसा लगा कि कंपनी को कुल 1,000 करोड़ रुपये मिले हैं।
कौन-कौन से संस्थाओं पर रोक
जिन छह संस्थाओं पर रोक लगाई गई है, उनमें गोलकोंडा एल्युमिनियम एक्सट्रूजंस, शांता एजेंसीज, श्री निवास लीजिंग एंड फाइनेंस, तियान कंज्यूमर, ट्विंकल मर्केंटाइल्स एंड क्रेडिट्स और उत्सव सिक्योरिटीज शामिल हैं। इन सभी के पास मिलकर DBIL की कुल समायोजित इक्विटी शेयर पूंजी का करीब 99.70 प्रतिशत हिस्सा है।
नियामक की कार्रवाई 15 अगस्त को 'लॉक-इन' अवधि खत्म होने के बाद कुछ संस्थाओं द्वारा शेयर बिक्री शुरू कर करने के बाद हुई। आदेश के अनुसार, इन संस्थाओं ने दो दिन की अवधि में कुल 17,444 शेयर बेचे, जिनकी कीमत 1.34 लाख रुपये थी। सेबी ने कहा कि मौजूदा बाजार कीमतों पर इन शेयरों की बिक्री की अनुमति देने से भोले-भाले निवेशकों की कीमत पर करीब 5,667 करोड़ रुपये के अनुचित लाभ की संभावना बन सकती थी।
सेबी ने वीरेंद्र और सुरेंद्र जैन को कथित योजना में प्रमुख भागीदार के रूप में भी चिन्हित किया है। नियामक के अनुसार, प्रथम दृष्टया वे जुड़ी हुई संस्थाओं के नेटवर्क की स्थापना और संचालन, उनके वित्तीय एवं परिचालन नियंत्रण, बैंकिंग व्यवस्था और फंड हस्तांतरण में शामिल थे। इसके बाद बाजार नियामक ने छह संस्थाओं को धेनु बिल्डकॉन इन्फ्रा लिमिटेड के शेयरों की बिक्री से प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं, दोनों व्यक्तियों को अगले आदेश तक प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री या किसी भी तरह के लेनदेन से रोक दिया गया है।


