फ्रंट रनिंग ट्रेड में सेबी की कार्रवाई, 13 लोगों को मार्केट से किया बैन
भारत के बाजार नियामक सेबी ने तीन संस्थाओं, भारत कनैयालाल शेठ परिवार, रवि कनैयालाल शेठ परिवार और अर्जुन विवेकाधीन ट्रस्ट के कथित ऑर्डर प्लेसिंग से संबंधित एक जांच की। यह जांच 1 जनवरी, 2021 से 31 अक्टूबर, 2022 तक चली।
भारत के बाजार नियामक सेबी ने तीन ट्रस्टों द्वारा किए गए फ्रंट रनिंग ट्रेडों का दोषी पाए जाने के बाद 13 व्यक्तियों को सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। फ्रंट रनिंग, भविष्य के लेनदेन की अंदरूनी जानकारी के आधार पर शेयरों या अन्य परिसंपत्तियों का व्यापार है। सेबी ने तीन संस्थाओं, भारत कनैयालाल शेठ परिवार, रवि कनैयालाल शेठ परिवार और अर्जुन विवेकाधीन ट्रस्ट के कथित ऑर्डर प्लेसिंग से संबंधित एक जांच की। यह जांच 1 जनवरी, 2021 से 31 अक्टूबर, 2022 तक चली।

₹5 से ₹15 लाख के बीच जुर्माना
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने तीनों ट्रस्टों के ट्रेडों को फ्रंट रनिंग के माध्यम से अवैध लाभ कमाने के लिए 13 व्यक्तियों पर ₹5 लाख से ₹15 लाख के बीच का जुर्माना भी लगाया है। सेबी के आदेश से पता चला है कि व्यक्तियों ने ट्रस्टों द्वारा खरीदे या बेचे जाने से पहले शेयरों में व्यापार किया था।
सेबी का प्रस्ताव
सेबी ने म्यूचुअल फंड अकाउंट खोलने और शुरुआती निवेश को सेटल करने की प्रक्रिया को मानकीकृत करने का प्रस्ताव पेश किया है, ताकि यह अकाउंट केवल केवाईसी सत्यापन के बाद ही खोले जाएं। फिलहाल, म्यूचुअल फंड के नए अकाउंट खोलने के लिए केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) प्रक्रिया अनिवार्य है लेकिन कुछ मामलों में खाता केवाईसी पूरी होने से पहले ही खुल जाते हैं। ऐसा होने से निवेशकों और म्यूचुअल फंड योजनाओं का संचालन करने वाली परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अधूरे या गलत केवाई विवरण होने से निवेशक नए अकाउंट्स में लेनदेन नहीं कर पाते हैं और उन्हें अकाउंट को भुनाने या डिविडेंड पाने में भी दिक्कतें आती हैं।
इसके अलावा एएमसी को भी योजना की जानकारी साझा करने और राशि जमा कराने में कठिनाई होती है। सेबी ने प्रस्ताव रखा है कि एएमसी को फंड अकाउंट केवल सत्यापित केवाईसी दस्तावेजों के मिलने के बाद ही खोलना होगा। फिर दस्तावेजों को केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों (केआरए) को अंतिम सत्यापन के लिए भेजा जाएगा।





