
लिस्टिंग पर चौंका सकता है यह शेयर, सिर्फ 2.19 गुना लगा है दांव, 56% चल रहा GMP
स्केलसॉस के शेयरों का मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम बंपर लिस्टिंग की तरफ इशारा कर रहा है। स्केलसॉस के शेयर ग्रे मार्केट में 56% से ज्यादा के प्रीमियम पर हैं। कंपनी के आईपीओ पर सिर्फ 2.19 गुना दांव लगा था।
स्केलसॉस (एनकॉम्पस डिजाइन इंडिया) के शेयर लिस्टिंग पर चौंका सकते हैं। स्केलसॉस के आईपीओ पर सिर्फ 2.19 गुना दांव लगा था, लेकिन अब कंपनी के शेयरों का मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) बंपर लिस्टिंग की तरफ इशारा कर रहा है। स्केलसॉस के शेयर ग्रे मार्केट में 56 पर्सेंट से ज्यादा के प्रीमियम के साथ कारोबार कर रहे हैं। स्केलसॉस के शेयर शुक्रवार 12 दिसंबर को बाजार में लिस्ट होंगे। कंपनी का आईपीओ दांव लगाने के लिए 5 दिसंबर को खुला था और यह 9 दिसंबर तक ओपन रहा। स्केलसॉस के आईपीओ का टोटल साइज 40.21 करोड़ रुपये तक का था।
107 रुपये का है शेयर, 60 रुपये पहुंच गया ग्रे मार्केट प्रीमियम
स्केलसॉस (एनकॉम्पस डिजाइन इंडिया) के आईपीओ में शेयर का दाम 107 रुपये है। वहीं, ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर 60 रुपये के प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहे हैं। अगर मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के हिसाब से देखें तो स्केलसॉस के शेयर 167 रुपये के करीब बाजार में लिस्ट हो सकते हैं। यानी, आईपीओ में जिन इनवेस्टर्स को कंपनी के शेयर अलॉट हुए हैं, वह लिस्टिंग वाले दिन 56 पर्सेंट से ज्यादा के फायदे की उम्मीद कर सकते हैं। स्केलसॉस के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे। अमित राजेंद्रप्रसाद डालमिया, सुष्मिता अमित डालमिया, रुमन कैलाश अग्रवाल और योगेंद्र वशिष्ठ कंपनी के प्रमोटर्स हैं। आईपीओ से पहले कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 80.19 पर्सेंट थी।
क्या करती है कंपनी
कंपनी की शुरुआत मार्च 2010 में हुई है। एनकॉम्पस डिजाइन इंडिया लिमिटेड को स्केलसॉस (ScaleSauce) के नाम से जाना जाता है। कंपनी का फोकस होम, लिविंग और फूड सेगमेंट्स पर है। एनकॉम्पस डिजाइन इंडिया, स्केलसॉस ब्रांड नेम के तहत ऑपरेट करती है। यह एक डायवर्सिफाइड कंज्यूमर ब्रांड कंपनी है, जिसका फोकस होम एंड लिविंग पर है।
कंपनी के IPO पर सिर्फ 2.19 गुना दांव
स्केलसॉस (ScaleSauce) के आईपीओ पर टोटल 2.19 गुना दांव लगा। कंपनी के आईपीओ में आम निवेशकों की कैटेगरी में 1.69 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स) का कोटा 4.60 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी के आईपीओ में क्वॉलीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा 1.25 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी के आईपीओ में आम निवेशक 2 लॉट के लिए ही दांव लगा सकते थे। आईपीओ की लॉट में 2400 शेयर थे। यानी, आम निवेशकों को कंपनी में कम से कम 2,56,800 रुपये का निवेश करना पड़ा है।





