अब UPI पेमेंट के आधार पर भी मिलेगा लोन, SBI का बड़ा तोहफा
मुख्य बातें
- ऐसे छोटे कारोबारियों की लोन पात्रता का आकलन UPI ट्रांजैक्शन के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा, जिनके पास GST रजिस्ट्रेशन नहीं है
- आसान भाषा में समझें तो लोन देने के लिए यह सुविधा छोटे कारोबारियों को ध्यान में रखकर शुरू की जा रही है

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) कर्ज देने के लिए एक नई व्यवस्था तैयार कर रहा है। इसके तहत लोन पात्रता का आकलन UPI ट्रांजैक्शन के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। SBI के वरिष्ठ अधिकारी और प्रबंध निदेशक अश्विनी कुमार तिवारी ने यह जानकारी दी। आइए इसके बारे में डिटेल में जान लेते हैं।
किन ग्राहकों के लिए है सुविधा
लोन देने के लिए यह सुविधा छोटे कारोबारियों को ध्यान में रखकर शुरू की जा रही है। अश्विनी कुमार तिवारी ने बताया कि अगर किसी छोटे कारोबार में नियमित रूप से बिक्री हो रही है और उसका भुगतान UPI के जरिए हो रहा है, तो इन डिजिटल लेनदेन को कारोबार की बिक्री के संकेतक के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। SBI इसी दिशा में एक नया UPI आधारित समाधान विकसित कर रहा है, जिससे GST रजिस्ट्रेशन नहीं रखने वाले कारोबारियों की कर्ज लेने की क्षमता का आकलन किया जा सकेगा।
तिवारी ने कहा कि जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड कारोबारियों को लोन देने की चुनौती का बैंक समाधान कर चुका है और ऐसे मामलों में 10 मिनट के भीतर लोन देने की स्थिति में है। बता दें कि पिछले 18 महीनों में बैंक ने जीएसटी और पैन के आंकड़ों का इस्तेमाल कर एक लाख करोड़ रुपये के लोन दिए हैं। हालांकि, जीएसटी नंबर नहीं रखने वाले कारोबारियों के मामले में कठिनाइयां हैं और ऐसे में वैकल्पिक आंकड़े अहम हो जाते हैं।
यूपीआई भुगतान से जुड़े मुद्दे पर तिवारी ने कहा कि कर्ज देने वाले बैंक के पास हमेशा यह स्पष्ट जानकारी नहीं होती कि पैसा कहां जा रहा है। हालांकि, प्राप्तकर्ता बैंक और लेनदेन में मदद करने वाले तीसरे पक्ष के भुगतान ऐप के पास यह जानकारी होती है। उन्होंने कहा कि ग्राहक की सहमति से बैंक यूपीआई भुगतान और दूरसंचार कंपनियों से मिलने वाले आंकड़ों जैसे अन्य स्रोतों का इस्तेमाल करने वाले मॉडल के जरिये लोन पात्रता का आकलन कर सकता है। तिवारी ने कहा कि एसबीआई को उम्मीद है कि नए आंकड़ों के आधार पर छोटे कारोबारियों को लोन उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे छोटे कारोबारियों की ऋण संबंधी दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी।
अगर यह व्यवस्था सफल रहती है तो GST रजिस्ट्रेशन नहीं रखने वाले छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और अन्य छोटे कारोबारियों के लिए बैंक से कर्ज लेना आसान हो सकता है। इसका फायदा उन कारोबारियों को सबसे ज्यादा मिल सकता है, जिनका कारोबार नियमित है और जिनके पास UPI के जरिए होने वाले डिजिटल भुगतान का अच्छा रिकॉर्ड मौजूद है।


