SBI फंड IPO में बड़ा बदलाव! क्या कम इश्यू साइज से होगी धमाकेदार लिस्टिंग? यहां जानें सारी
मुख्य बातें
- SBI फंड मैनेजमेंट ने IPO खुलने से पहले प्री-IPO प्लेसमेंट के जरिए ₹1,655 करोड़ जुटाने के बाद अपने IPO का आकार घटाकर ₹9,812 करोड़ कर दिया है
- आइए इसकी लिस्टिंग गेन और GMP की डिटेल्स जानते हैं
- साथ ही यह भी जानते हैं कि निवेशकों पर क्या असर पड़ सकता है?

देश के सबसे बड़े एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO अब पहले से छोटा हो गया है। कंपनी ने IPO का साइज 11,693 करोड़ रुपये से घटाकर 9,812 करोड़ रुपये कर दिया है। हालांकि, पहली नजर में यह खबर निवेशकों को चौंका सकती है, लेकिन इसके पीछे की वजह काफी दिलचस्प है। दरअसल, IPO खुलने से पहले ही कंपनी ने 30 बड़े एंकर निवेशकों से करीब 1,655 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। यही कारण है कि अब पब्लिक के लिए उपलब्ध शेयरों की संख्या कम हो गई है। खास बात यह है कि इन सभी निवेशकों ने 574 रुपये प्रति शेयर, यानी IPO के ऊपरी प्राइस बैंड पर ही निवेश किया है। इसे बाजार में कंपनी के प्रति मजबूत भरोसे का संकेत माना जा रहा है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO 14 जुलाई से 16 जुलाई तक निवेश के लिए खुला रहेगा। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है, यानी इस IPO के जरिए कंपनी कोई नया पैसा नहीं जुटा रही है। IPO से मिलने वाली पूरी राशि कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और Amundi India Holding को मिलेगी। इसका मतलब है कि कंपनी के कारोबार के विस्तार के लिए इस IPO से कोई नई पूंजी नहीं आएगी।
प्री-IPO प्लेसमेंट में कई बड़े नाम शामिल रहे। PI Opportunities Fund-II और निवेशक आकाश भंसाली ने लगभग 200-200 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि 3P India Equity Fund I ने करीब 150 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके अलावा Malabar India Fund, Tata AIG General Insurance, Go Digit, Anand Rathi Global Finance, Carnelian Bharat Amritkaal Fund और कई फैमिली ऑफिस व संस्थागत निवेशकों ने भी हिस्सेदारी खरीदी। बड़े निवेशकों की यह दिलचस्पी बताती है कि उन्हें कंपनी के बिजनेस मॉडल और भविष्य की ग्रोथ पर भरोसा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या IPO का आकार घटने से लिस्टिंग गेन बढ़ सकता है? मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि जब किसी IPO में शेयरों की संख्या कम हो जाती है और मांग मजबूत रहती है, तो ओवरसब्सक्रिप्शन की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में लिस्टिंग के समय शेयरों पर दबाव कम रहता है और अच्छे प्रीमियम पर लिस्टिंग की संभावना मजबूत हो सकती है। फिलहाल ग्रे मार्केट में SBI फंड्स मैनेजमेंट के शेयर लगभग 15% प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं, जो निवेशकों की सकारात्मक धारणा को दर्शाता है। हालांकि, अंतिम लिस्टिंग प्रदर्शन बाजार की स्थिति, IPO को मिलने वाले सब्सक्रिप्शन और निवेशकों के रुझान पर निर्भर करेगा।
SBI फंड्स मैनेजमेंट भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है और यह SBI म्यूचुअल फंड का संचालन करती है। कंपनी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) और फ्रांस की वैश्विक निवेश कंपनी Amundi का संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) है। कंपनी के पास करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये का औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) है और भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में इसकी हिस्सेदारी लगभग 15% है। कंपनी इक्विटी, डेट, हाइब्रिड, ETF, इंडेक्स फंड और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट जैसी कई निवेश सेवाएं प्रदान करती है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन भी मजबूत रहा। कुल आय बढ़कर 4,976 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 17% अधिक है। वहीं कंपनी का शुद्ध मुनाफा 21% बढ़कर 3,067 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का रिटर्न ऑन नेटवर्थ (RoNW) 43.02% रहा, जो इसकी मजबूत कमाई क्षमता को दर्शाता है।
IPO के ऊपरी प्राइस बैंड 574 रुपये पर कंपनी का वैल्यूएशन लगभग FY26 की कमाई का 38 गुना है। कई एक्सपर्ट का मानना है कि यह वैल्यूएशन कुछ सूचीबद्ध AMC कंपनियों की तुलना में आकर्षक है। अब निवेशकों की नजर IPO के सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और 21 जुलाई को होने वाली संभावित लिस्टिंग पर रहेगी। यदि बाजार का माहौल अनुकूल रहा और मांग मजबूत बनी रही, तो यह IPO निवेशकों के लिए अच्छी लिस्टिंग गेन का मौका साबित हो सकता है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
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