SBI ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 5 दिन तक बंद रहेगा बैंक!
मुख्य बातें
- बता दें कि एसबीआई कर्मचारियों ने अलग-अलग मांगों को लेकर 25 मई से दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है
- इसके अलावा, हड़ताल समाप्त होने के एक दिन बाद 27 मई को ईद अल-अजहा के कारण कई राज्यों में छुट्टी रहेगी

SBI Bank Holiday Alert 2026: अगर भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई के ग्राहक हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, अगले कुछ दिनों तक बैंक में कामकाज प्रभावित रहेगा। एसबीआई कर्मचारियों ने पर्याप्त कर्मियों की नियुक्ति सहित अलग-अलग मांगों को लेकर 25 मई से दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। एसबीआई के कर्मचारी यह हड़ताल ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन के तहत करेंगे। यदि हड़ताल होती है, तो इससे भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बैंकिंग कामकाज पर पांच दिनों तक असर पड़ेगा क्योंकि हड़ताल की तारीख से पहले चौथा शनिवार और रविवार पड़ रहा है।
इसके अलावा, हड़ताल समाप्त होने के एक दिन बाद 27 मई को ईद अल-अजहा के कारण कई राज्यों में छुट्टी रहेगी। हालांकि, एसबीआई की ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं, यूपीआई लेनदेन और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी।
क्या हैं डिमांड?
कर्मचारी महासंघ ने एक बयान में कहा कि मांगों में संदेशवाहकों, सशस्त्र गार्डों की नियुक्ति और एनपीएस कर्मचारियों के लिए पेंशन फंड प्रबंधक बदलने के विकल्प की मांग भी शामिल है। कर्मचारियों ने यह भी मांग की कि बैंक स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग बंद करे क्योंकि इससे आंकड़ों की चोरी, दुरुपयोग और धोखाधड़ी का सीधा खतरा पैदा होता है। इससे ग्राहकों का विश्वास खतरे में पड़ता है और बैंक को गंभीर प्रतिष्ठा और कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
एक अन्य मांग बोर्ड में कर्मचारी निदेशक की नियुक्ति से संबंधित है। मुख्य श्रम आयुक्त कार्यालय 23 मई को कर्मचारी संगठन और प्रबंधन के साथ एक सुलह बैठक आयोजित करने वाला है ताकि हड़ताल से बचने के लिए आम सहमति पर पहुंचा जा सके।
AIBOA का मिला समर्थन
इस बीच, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) ने ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन द्वारा 24 और 25 मई 2026 को घोषित दो दिवसीय हड़ताल को अपना समर्थन दिया है। संगठन के महासचिव संजय कुमार खान ने जारी पत्र में कहा कि बैंक कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर यह आंदोलन पूरी तरह जायज है।
पत्र में कहा गया है कि सब स्टाफ और आर्म्ड गार्ड्स की भर्ती, आउटसोर्सिंग पर रोक, पेंशन फंड मैनेजर चुनने का विकल्प, करियर प्रोग्रेशन स्कीम की समीक्षा और HRMS से जुड़े मुद्दों का समाधान लंबे समय से लंबित है। AIBOA ने आरोप लगाया कि बैंक प्रबंधन बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान करने में रुचि नहीं दिखा रहा, जिसके कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। संगठन ने हड़ताल और प्रदर्शन कार्यक्रमों में पूरी भागीदारी का भरोसा दिलाया है।
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