Sahara Refund Alert: सहारा में पैसा अटका है? तुरंत करें यह काम, 45 दिन में मिलेगा ₹10 लाख तक का रिफंड

Drigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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Sahara Refund Update: सहारा इंडिया में फंसे पैसे को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। जिन निवेशकों का पैसा अटका है, वे अब 10 लाख तक का क्लेम दोबारा जमा कर सकते हैं। जानिए कैसे मिलेगा 45 दिन में पैसा।

Sahara Refund Alert: सहारा में पैसा अटका है? तुरंत करें यह काम, 45 दिन में मिलेगा ₹10 लाख तक का रिफंड

सहारा इंडिया में फंसे पैसे को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। जिन निवेशकों के क्लेम में कमी या पेमेंट फेल होने की समस्या आई थी, उनके लिए सरकार ने फिर से मौका दिया है। अब ऐसे निवेशक अपनी गलती सुधारकर दोबारा आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद 45 कार्य दिवस के भीतर भुगतान किया जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि 50000 नहीं बल्कि अब 10 लाख तक का रिफंड क्लेम कर सकते हैं।

सरकार ने इसके लिए CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल पर Resubmission Portal शुरू किया है। जिन लोगों को पहले मैसेज या पोर्टल के जरिए कमी की जानकारी दी गई थी, वे अब उस कमी को ठीक करके दोबारा क्लेम जमा कर सकते हैं।

अब तक कितना हो चुका है रिफंड

सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को संसद को बताया कि पिछले महीने तक सहारा ग्रुप ऑफ को-ऑपरेटिव सोसाइटीज के 40 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को 8,800 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि फरवरी 2026 तक, सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल पर निवेशकों द्वारा 1.45 करोड़ आवेदन और 4.06 करोड़ दावे किए गए हैं। उन्होंने कहा, सहारा सहकारी समितियों के समूह के 40,33,448 निवेशकों को 8,783.55 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।

अब 10 लाख रुपये तक के क्लेम पर मिलेगा मौका

नई व्यवस्था के तहत अब निवेशक 10 लाख रुपये तक के कुल क्लेम के लिए री-सबमिशन कर सकते हैं। इससे पहले छोटे अमाउंट वाले क्लेम ही स्वीकार किए जा रहे थे, लेकिन दायरा बढ़ा दिया गया है, जिससे ज्यादा लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार के मुताबिक, जो क्लेम दोबारा जमा किए जाएंगे, उन्हें 45 कार्य दिवस के भीतर प्रोसेस किया जाएगा।

पहले भी मिल चुका है 50000 तक का पेमेंट

CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए पहले ही उन निवेशकों को भुगतान किया जा चुका है, जिनका क्लेम सही पाया गया था। ऐसे मामलों में प्रति आवेदन 50 हजार रुपये तक की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। हालांकि जिन लोगों के क्लेम में दस्तावेजों की कमी या अन्य गलतियां थीं, उन्हें पोर्टल पर इसकी जानकारी दे दी गई थी। अब वही निवेशक अपनी गलतियां सुधारकर दोबारा आवेदन कर सकते हैं।

कब से शुरू हुआ री-सबमिशन?

सरकार ने चरणबद्ध तरीके से यह प्रक्रिया शुरू की है ताकि पोर्टल पर ज्यादा लोड न पड़े। अब तक अलग-अलग राशि के अनुसार तारीखें तय की गई थीं और 10 लाख रुपये तक के क्लेम भी शामिल कर लिए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बना पोर्टल

सहारा निवेशकों को पैसा लौटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई थी। कोर्ट ने 29 मार्च 2023 को आदेश दिया था कि सहारा-सेबी रिफंड खाते से 5000 करोड़ रुपये केंद्रीय रजिस्ट्रार (CRCS) को दिए जाएं, ताकि सही निवेशकों को उनका पैसा लौटाया जा सके। इसके बाद सरकार ने यह डिजिटल पोर्टल तैयार किया, जहां निवेशक अपने दस्तावेज अपलोड करके ऑनलाइन क्लेम कर सकते हैं।

जरूरी बात, जो हर निवेशक को जाननी चाहिए

क्लेम करने के लिए आधार से लिंक मोबाइल नंबर और बैंक खाता होना जरूरी है। साथ ही निवेश से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। आवेदन की जांच 30 दिन के भीतर की जाती है और इसके बाद 15 दिन के अंदर निर्णय की जानकारी दे दी जाती है।

कुल मिलाकर, सहारा निवेशकों के लिए यह एक बड़ा मौका है, खासकर उन लोगों के लिए जिनका क्लेम पहले किसी कमी के कारण अटक गया था। अब वे अपनी गलती सुधारकर दोबारा आवेदन कर सकते हैं और 45 दिनों के भीतर भुगतान पाने की उम्मीद कर सकते हैं।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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