रूस के रूबल चमत्कार, प्रतिबंधों में भी अमेरिकी डॉलर को चटाई धूल

हिन्दुस्तान टीम
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मुख्य बातें

  • Dollar Vs Ruble: इस साल रूसी रूबल ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 45% की वृद्धि की है, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बीच एक अप्रत्याशित सफलता है
  • रूबल की मजबूती ने आर्थिक चुनौतियों को जन्म दिया है, लेकिन यह महंगाई नियंत्रण में भी सहायक साबित हो रहा है
रूस के रूबल चमत्कार, प्रतिबंधों में भी अमेरिकी डॉलर को चटाई धूल

रूसी करंसी रूबल ने इस साल डॉलर के मुकाबले सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। जनवरी से 45% की तेजी आई है, जो रूसी अधिकारियों के अनुमान से कहीं ज्यादा है। इससे युद्ध प्रभावित अर्थव्यवस्था को चुनौतियां मिल रही हैं।

रूबल की अप्रत्याशित ताकत

रूबल अब डॉलर के मुकाबले 78 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो यूक्रेन पर रूस के हमले से पहले के स्तर जैसा है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से रूसी लोग विदेशी मुद्रा कम खरीद रहे हैं। ऊंची ब्याज दरों ने स्थानीय निवेशकों को रूबल में आकर्षित किया है।

ब्याज दरों का असर

केंद्रीय बैंक ने पिछले साल अक्टूबर से इस साल जून तक ब्याज दरें बहुत ऊंची रखीं, फिर 5 अंक घटाकर 16 प्रतिशत कर दीं। सरकार ने सालाना औसत 91.2 रूबल प्रति डॉलर का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविकता इससे बेहतर रही।

प्रतिबंधों के बावजूद रूबल मजबूत

तेल कीमतों में गिरावट और अमेरिका-यूरोप के नए प्रतिबंधों के बावजूद रूबल मजबूत बना रहा। अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभावयह ताकत निर्यात आय को कम कर रही है, क्योंकि डॉलर से रूबल में कनवर्ट करने पर मूल्य घट जाता है। रूस का केंद्रीय बैंक नेशनल वेलबीइंग फंड से युआन और सोना बेचकर मुद्रा को सहारा दे रहा है। इससे ऊर्जा राजस्व में 22% की गिरावट का असर कम हो रहा है, जो 2023 के पहले 11 महीनों का आंकड़ा है।

वैश्विक प्रदर्शन और महंगाई नियंत्रण

रूबल दुनिया के टॉप-5 परफॉर्मिंग एसेट्स में शामिल हो गया है, जिसमें प्लेटिनम, सिल्वर, पैलेडियम और सोना जैसे कीमती धातुएं हैं। केंद्रीय बैंक की गवर्नर एलविरा नाबुलिना का कहना है कि यह ताकत महंगाई रोकने में मददगार है और इसके सकारात्मक प्रभाव अभी चरम पर नहीं पहुंचे।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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