गोल्ड ज्वैलरी खरीदने की मची होड़, पीएम की अपील के बाद भी 15-20% बढ़ी सेल, दिसंबर की शादी के लिए अभी से कर रहे खरीदारी
मुख्य बातें
- बड़े ज्वैलरी स्टोर्स में रोजाना करीब 25 लाख रुपये की सेल हो रही है, जबकि मझोले कारोबारियों के यहां 15 से 18 लाख रुपये की सेल हो रही है
- यह तेजी पीएम की अपील के बाद बढ़ी अफवाहों और नीति बदलने की आशंका के कारण आई है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बाद पूरे भारत में शादी के गहनों की खरीदारी में उछाल आ गया है। लोगों को डर है कि सरकार सोने पर बैन लगा सकती है या जीएसटी बढ़ा सकती है। इस वजह से 'पैनिक बाइंग' तेज हो गई है। बता दें सरकार ने मंगलवार रात को ही इंपोर्ट डयूटी बढ़ा दी है।
बता दें मंगलवार को सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट गोल्ड बिना जीएसटी 151632 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 138895 और 18 कैरेट गोल्ड के रेट 113724 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए थे।
द इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक ज्वैलर्स कह रहे हैं कि जून से मध्य दिसंबर तक चलने वाली शादियों के सीजन से पहले ग्राहक पहले ही जेवर खरीदने में जुट गए हैं। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने बताया , "पिछले दो दिनों में ब्राइडल ज्वैलरी की बिक्री 15-20% बढ़ गई है।"
बड़े ज्वैलरी स्टोर्स में रोजाना करीब 25 लाख रुपये की बिक्री हो रही है, जबकि मझोले कारोबारियों के यहां 15 से 18 लाख रुपये की सेल हो रही है। यह तेजी पीएम की अपील के बाद बढ़ी अफवाहों और नीति बदलने की आशंका के कारण आई है।
लोग दिसंबर की शादी के लिए भी कर रहे खरीदारी
यह होड़ सिर्फ चल रहे सीजन तक सीमित नहीं है। जॉय अलुक्कास के एमडी वर्गीस अलुक्कास के अनुसार, कई लोग नवंबर-दिसंबर की शादियों के लिए भी अभी से जेवर खरीद रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं सरकार सोने की खरीदारी पर पूरी तरह से रोक न लगा दे। मुंबई के प्रसिद्ध जेवर बाजार झावेरी बाजार में पिछले दो दिनों में करीब 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां तो तरह-तरह की अफवाहें उड़ रही हैं।
क्या कहते हैं उद्योग के लोग?
इंडस्ट्री का कहना है कि करीब 60% खरीदारी आने वाले शादी के सीजन के लिए है, बाकी सर्दियों के कार्यक्रमों के लिए। साउथ इंडिया में भी भारी ब्राइडल जूलरी की डिमांड बढ़ गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा, "बाजार में पैनिक बाइंग चल रही है। भारतीय संस्कृति में सोना इमोशन से जुड़ा है। लोग बिना किसी बात के डरे हुए हैं कि कहीं कैश पर रोक या ड्यूटी न बढ़ जाए।"
ज्वैलर्स ने प्रधानमंत्री कार्यालय से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा करने की मांग की है। उनका कहना है कि घरों में बेकार पड़े सोने को औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाकर आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है।
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