
6000% का रिटर्न देने वाला स्टॉक BSE के राडार में, बढ़ाई जाएगी और निगरानी, आपका है दांव?
आरआरपी सेमीकंडक्टर्स सहित 9 कंपनियों के शेयरों को बीएसई ने अधिक निगरानी (extant surveillance measures) में रखने का फैसला किया है। शुक्रवार को बीएसई की तरफ से जारी किए गए सर्कुलर में यह बात कही गई है।
पिछले कुछ समय से आरआरपी सेमीकंडक्टर्स (RRP Semiconductors) के शेयरों की कीमतों में तूफानी तेजी देखने को मिली है। जिसकी वजह से यह मल्टीबैगर स्टॉक अब अधिक निगरानी में रखा जाएगा। आरआरपी सेमीकंडक्टर्स सहित 9 कंपनियों के शेयरों को बीएसई ने अधिक निगरानी (extant surveillance measures) में रखने का फैसला किया है। शुक्रवार को बीएसई की तरफ से जारी किए गए सर्कुलर में यह बात कही गई है। बीएसई की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि बाजार की व्यवस्था को बेहतर बनाने और अत्यधिक कीमतों में इजाफे को देखते हुए अतिरिक्त निगरानी करने का फैसला किया गया है। बता दें, बीते कुछ समय से आरआरपी सेमीकंडक्टर्स के शेयरों में अत्यधिक तेजी देखने को मिली है।

16 रुपये था भाव
दिसंबर 2024 में आरआरपी सेमीकंडक्टर्स के शेयरों का भाव 16 रुपये था। अब यह 11784 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इस मल्टीबैगर स्टॉक का प्राइस/अर्निंग 2470 रुपये है। बता दें, शुक्रवार को एक बार फिर से कंपनी के शेयरों में 2 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा था।
3 महीने में आरआरपी सेमीकंडक्टर के शेयरों में 234 प्रतिशत और 6 महीने में 1135 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई है। इस साल अबतक यह स्टॉक 6252 प्रतिशत का रिटर्न पोजीशनल निवेशकों को देने में सफल रहा है।
कौन-कौन सी कंपनियों पर बढ़ी निगरानी?
आरआरपी सेमीकंडक्टर के अलावा सिटीजन इंफोलाइन, कोलाब प्लेटफॉर्म, Dugar Housing Developments, ईएमए इंडिया, Mardia Samyoung Capillary Tubes Company, ओमांश एंटरप्राइजेज, ओसवाल ओवरसीज, आरआरपी डिफेंस को ESM में डाला गया है।
10 नवंबर से लागू हो जाएगा फैसला
बीएसई का यह फैसला 10 नवंबर 2025 से प्रभावी हो जाएगा। यह अतिरिक्त निगरानी वाली कंपनियां बीएसई में X, XT, Z, ZP, ZY और Y कैटगरी में लिस्टेड हैं। इनके शेयरों का दाम 100 रुपये से अधिक है। वहीं, इनका प्राइस बैंड 2 प्रतिशत का रखा गया है। बता दें, नए नियमों के अनुसार अगर यह स्टॉक दो हफ्ते तक लगातार अपर प्राइस बैंड पर ट्रेड करते हैं तो उन्हें सिर्फ हफ्ते में एक बार भी ट्रेडिंग का मौका मिलेगा। वह भी सोमवार को एक प्रतिशत के प्राइस बैंड के साथ।
बीएसई ने बताया है कि इस फ्रेमवर्क से बाहर निकलने के लिए कंपनियों को तिमाही के आधार पर रिव्यू किया जाएगा। इसका अधारा कम से कम एक महीने का रिटेंशन होगा।





