कई रेस्टोरेंट इसके नाम पर वसूल रहे एक्स्ट्रा पैसे, बिल भरने से पहले जान लें ये नियम, वरना पछताएंगे

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

मुख्य बातें

  • केंद्र सरकार की CCPA ने चायोस, बारबेक्यू नेशन समेत 41 रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, क्योंकि वे ग्राहकों के बिल में सर्विस चार्ज (Service Charge) अपने आप जोड़ रहे थे
  • सरकार और दिल्ली हाईकोर्ट दोनों ने स्पष्ट किया है कि सर्विस चार्ज कोई सरकारी टैक्स नहीं है
  • इसे देना ग्राहक की इच्छा है
restaurant service charge
चायोस, बारबेक्यू नेशन समेत 41 रेस्तरां पर सरकार का एक्शन

अगर आप अक्सर किसी रेस्टोरेंट, कैफे या होटल में खाना खाने जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कई बार बिल में खाने और GST के अलावा सर्विस चार्ज नाम से अतिरिक्त रकम जोड़ दी जाती है। अधिकांश लोग इसे सरकार का टैक्स समझकर बिना सवाल किए भुगतान कर देते हैं। लेकिन, अब सरकार ने साफ कर दिया है कि सर्विस चार्ज कोई सरकारी टैक्स नहीं है और इसे देना पूरी तरह ग्राहक की मर्जी पर निर्भर करता है। इसी मुद्दे पर केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देशभर के 41 रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

कई नामी रेस्टोरेंट्स पर कार्रवाई

इस कार्रवाई के तहत चायोज (Chaayos), बारबेक्यू नेशन (Barbeque Nation), ब्लू बॉटल कैफे (Blue Bottle Cafe), चाइना गेट रेस्टोरेंट (China Gate Restaurant), FOO अहमदाबाद, L’Opera फ्रेंच बेकरी और जोरो नाइट क्लब (Zorro Night Club) जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं। इन रेस्टोरेंट्स पर आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों की अनुमति के बिना बिल में सर्विस चार्ज जोड़ दिया। सरकार का कहना है कि ऐसा करना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है।

सर्विस चार्ज होता क्या है?

सबसे पहले बात करते हैं कि सर्विस चार्ज (Service Charge) आखिर होता क्या है? यह वह अतिरिक्त राशि है, जिसे रेस्टोरेंट अपनी सेवा के बदले ग्राहक से लेना चाहता है। लेकिन, यह पूरी तरह स्वैच्छिक (Voluntary) है, यानी ग्राहक चाहे तो इसका भुगतान करे और चाहे तो मना कर सकता है। इसका किसी सरकारी टैक्स से कोई संबंध नहीं है।

चायोज पर 50,000 रुपये का जुर्माना

हाल ही में CCPA ने चायोज (Chaayos) पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही कंपनी को आदेश दिया गया है कि ग्राहक से वसूला गया सर्विस चार्ज वापस किया जाए और देशभर के सभी आउटलेट्स के बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जाए, ताकि भविष्य में सर्विस चार्ज अपने आप बिल में न जुड़ सके। यह फैसला बाकी रेस्टोरेंट्स के लिए भी बड़ा संदेश माना जा रहा है।

सर्विस चार्ज देना अनिवार्य नहीं

सरकार ने यह भी याद दिलाया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 28 मार्च 2025 के अपने फैसले में CCPA की गाइडलाइन को सही ठहराया था। अदालत ने स्पष्ट कहा था कि किसी भी ग्राहक से जबरन सर्विस चार्ज वसूलना कानून के खिलाफ है। इसका मतलब यह है कि अब कोई भी रेस्टोरेंट यह नहीं कह सकता कि सर्विस चार्ज देना अनिवार्य है।

कई लोग सोचते हैं कि अगर मेन्यू कार्ड या टेबल पर पहले से लिखा हो कि 10% सर्विस चार्ज (Service Charge) लागू होगा, तो उसे देना जरूरी होगा। लेकिन, कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं है। मेन्यू पर लिखा होना केवल रेस्टोरेंट की आंतरिक नीति हो सकती है, लेकिन इससे ग्राहक पर कोई कानूनी बाध्यता नहीं बनती। ग्राहक चाहे तो सर्विस चार्ज हटाने की मांग कर सकता है।

GST और सर्विस चार्ज दोनों अलग चीजें

यहां एक और भ्रम दूर करना जरूरी है। GST और सर्विस चार्ज (Service Charge) दोनों अलग-अलग चीजें हैं। GST सरकार द्वारा लगाया जाने वाला टैक्स है, जिसे देना अनिवार्य है। यह बिल में CGST और SGST के रूप में दिखाई देता है। वहीं, सर्विस टैक्स (Service Tax) नाम का टैक्स जुलाई 2017 में GST लागू होने के बाद खत्म हो चुका है। अगर आज भी किसी बिल में "Service Tax" लिखा दिखाई देता है, तो यह गंभीर अनियमितता हो सकती है। दूसरी तरफ सर्विस चार्ज (Service Charge) केवल रेस्टोरेंट द्वारा मांगी गई अतिरिक्त राशि है, जिसे ग्राहक की सहमति के बिना नहीं लिया जा सकता।

कहां दर्ज कराएं शिकायत?

अगर कोई रेस्टोरेंट आपके कहने के बावजूद सर्विस चार्ज हटाने से इनकार करता है, तो सबसे पहले वहीं पर संशोधित बिल मांगें। अगर फिर भी बात नहीं बनती, तो मूल बिल अपने पास सुरक्षित रखें। यही बिल शिकायत का सबसे बड़ा सबूत होगा। इसके बाद आप नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (National Consumer Helpline) में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर मामला उपभोक्ता आयोग तक भी ले जाया जा सकता है।

एक्सपर्ट का कहना है कि अगर कोई ग्राहक सर्विस चार्ज देने से मना करता है, तो रेस्टोरेंट उसे सेवा देने से इनकार नहीं कर सकता। ऐसा करना भी उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा। ग्राहक को केवल खाने का बिल और लागू GST का भुगतान करना होता है।

कई प्रतिष्ठानों पर हो सकती है कार्रवाई

एक्सपर्ट यह भी मानते हैं कि यह कार्रवाई केवल 41 रेस्टोरेंट्स तक सीमित नहीं रह सकती। देशभर में कई बड़ी रेस्टोरेंट चेन एक जैसे बिलिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती हैं। अगर किसी सॉफ्टवेयर में डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज जुड़ रहा है, तो आने वाले समय में और भी कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हो सकती है।

गलत प्रथाओं पर लगाएं रोक

ऐसे में अगली बार जब भी आप किसी रेस्टोरेंट में खाना खाएं, तो बिल का भुगतान करने से पहले उसे ध्यान से जरूर देखें। यह सुनिश्चित करें कि टैक्स के नाम पर केवल CGST और SGST ही शामिल हों। अगर सर्विस चार्ज (Service Charge), सर्विस टैक्स (Service Tax) या किसी अन्य अतिरिक्त शुल्क का उल्लेख हो, तो उसके बारे में सवाल पूछें। याद रखें सर्विस चार्ज देना आपका अधिकार है, मजबूरी नहीं। जागरूक उपभोक्ता बनकर आप न केवल अपने पैसे बचा सकते हैं, बल्कि गलत प्रथाओं पर भी रोक लगा सकते हैं।

Sarveshwar Pathak

लेखक के बारे में

Sarveshwar Pathak

सर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।

और पढ़ें
बिजनेस न्यूज, आज के पेट्रोल और डीजल के दाम, शेयर बाजार की ताज़ा खबरें, आईटीआर न्यूज से जुड़ी जरूरी जानकारी पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।