कारोबार को 2 हिस्सों में बांटेगी दिग्गज कंपनी, शेयर बाजार में लिस्टिंग का प्लान
बता दें कि फरवरी, 2025 में बर्मन परिवार द्वारा रेलिगेयर का नियंत्रण अपने हाथ में लेने के बाद से यह कंपनी द्वारा घोषित पहला बड़ा पुनर्गठन है। रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के शेयर की बात करें तो 244.30 रुपये के स्तर पर है।

Religare enterprises business news: बर्मन परिवार समर्थित रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) ने अपने फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस कारोबार को दो अलग-अलग सूचीबद्ध इकाइयों में विभाजित करने की योजना को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने यह कदम शेयरधारकों के लिए एसेट्स का प्राइस बढ़ाने और अपनी भावी कारोबारी कार्ययोजना को और अधिक स्पष्ट एवं केंद्रित करने के उद्देश्य से उठाया है। बता दें कि फरवरी, 2025 में बर्मन परिवार द्वारा रेलिगेयर का नियंत्रण अपने हाथ में लेने के बाद से यह कंपनी द्वारा घोषित पहला बड़ा पुनर्गठन है। रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के शेयर की बात करें तो 244.30 रुपये के स्तर पर है।
क्या है योजना?
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) के पास 'केयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड' में अपनी हिस्सेदारी बनी रहेगी, जो मुख्य रूप से बीमा क्षेत्र पर केंद्रित इकाई के रूप में काम करेगी। वहीं, कर्ज देने, ब्रोकिंग, निवेश गतिविधियों और संबंधित सेवाओं से जुड़े फाइनेंशियल सर्विसेज को 'रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड' (आरएफएल) को स्थानांतरित कर दिया जाएगा। कंपनी के बयान के अनुसार विभाजन के बाद रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड, रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के शेयरधारकों को 1:1 के अनुपात में पूर्ण चुकता इक्विटी शेयर जारी करेगी। विभाजन के बाद, रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड को शेयर बाजार के इंडेक्स- बीएसई और एनएसई पर लिस्ट किया जाएगा, जहां इसकी शेयरहोल्डिंग का ढांचा रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के समान ही होगा।
क्या है मकसद?
कंपनी ने कहा कि इस पुनर्गठन का उद्देश्य दो स्वतंत्र इकाइयां बनाकर परिचालन को सुव्यवस्थित करना है, जिससे प्रत्येक व्यवसाय अपने क्षेत्र के अनुसार विकास की रणनीतियों पर काम कर सके। इस प्रक्रिया को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के पास दायर किया जाएगा और यह शेयरधारकों, लेनदारों तथा नियामक प्राधिकरणों की मंजूरी के अधीन है। समूह का लक्ष्य इस प्रक्रिया को पूरा कर वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही तक रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड को सूचीबद्ध करना है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि इस बदलाव के दौरान व्यवसाय संचालन, कर्मचारियों या ग्राहकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
क्या कहा सीएफओ ने?
रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) प्रतुल गुप्ता ने कहा- इस लेनदेन से निवेशकों का आधार व्यापक होने, जटिलता कम होने और दो अच्छी तरह से पूंजीकृत मंच तैयार होने की उम्मीद है, जो स्वतंत्र रूप से अपनी रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से दोनों इकाइयां अपने-अपने क्षेत्रों में अग्रणी बनकर उभरेंगी। साथ ही, दोनों के पास भविष्य में विकास के अवसरों का लाभ उठाने के लिए पर्याप्त संसाधन होंगे और वे अपनी विशिष्ट व्यावसायिक रणनीतियों पर पूरी एकाग्रता के साथ ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।





