रिलायंस का ₹1.5 लाख करोड़ का दांव, कमाई का नया आधार बनेगा ग्रीन एनर्जी बिजनेस
रिलायंस गुजरात के जामनगर में धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स (DAGEC) विकसित कर रही है, जहां पांच गीगा फैक्ट्रियां स्थापित की जा रही हैं। इनमें से सोलर सेल गीगाफैक्ट्री अगले महीने और बैटरी फैक्ट्री अगले साल की शुरुआत में चालू हो जाएगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने अपने ₹1.5 लाख करोड़ के न्यू एनर्जी बिजनेस से अगले वित्तीय वर्ष में राजस्व और मुनाफा अर्जित करना शुरू करने की घोषणा की है। यह घोषणा कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने विश्लेषकों के साथ हुई बैठक में की। ईटी की खबर के मुताबिक रिलायंस के बैटरी एंड एनर्जी सिस्टम्स के प्रेसिडेंट श्रीराम रामकृष्णन ने कहा कि अगले साल आरईआरटीसी (राउंड-द-क्लॉक रिन्यूएबल एनर्जी) का उत्पादन शुरू होने के साथ ही यह बिजनेस कंपनी के राजस्व और ऑपरेटिंग मुनाफे (EBITDA) में सीधे योगदान देने लगेगा।

जामनगर में तेजी से चल रहा है काम
रिलायंस जामनगर में हाइड्रोजन, विंड, सोलर, फ्यूल सेल और बैटरी से चलने वाले बड़े पैमाने के 24x7 नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स स्थापित कर रही है। कंपनी गुजरात के जामनगर में धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स (DAGEC) विकसित कर रही है, जहां पांच गीगा फैक्ट्रियां स्थापित की जा रही हैं। कंपनी ने सोलर पीवी मॉड्यूल की चार उत्पादन लाइनें पहले ही शुरू कर दी हैं और पहली सेल लाइन जल्द ही शुरू होने वाली है। इनमें से सोलर सेल गीगाफैक्ट्री अगले महीने और बैटरी फैक्ट्री अगले साल की शुरुआत में चालू हो जाएगी।
पूरी वैल्यू चेन पर जोर
रिलायंस सिर्फ अंतिम उत्पाद नहीं, बल्कि पूरी सप्लाई चेन खड़ी कर रही है। यह सोलर सेल के लिए वेफर, पॉलीसिलिकॉन और इनगॉट का भी निर्माण शुरू कर रही है। सोलर मॉड्यूल के लिए कांच का एक बहुत बड़ा कारखाना भी लगाया जा रहा है।
2035 का नेट-जीरो लक्ष्य है प्रेरणा
रिलायंस द्वारा 2035 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता इस भारी निवेश की मुख्य वजह है। कंपनी कच्छ में 5.5 लाख एकड़ में फैले एक विशाल सोलर फार्म पर भी काम कर रही है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस ने इस नए ऊर्जा व्यवसाय में अब तक लगभग ₹40,000 करोड़ का निवेश किया है और सिर्फ इसी साल ₹21,000-22,000 करोड़ निवेश की योजना है।





