रिलायंस को 18,645 करोड़ का मुनाफा फिर भी शेयर सेंसेक्स टॉप लूजर्स में
Reliance Share Price: भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर सोमवार, 19 जनवरी को कारोबार में 2.5 प्रतिशत तक गिर गए। यह गिरावट तब हुई है जब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने तीसरी तिमाही में 18,645 करोड़ रुपये का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया।

भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर सोमवार, 19 जनवरी को कारोबार में 2.5 प्रतिशत तक गिर गए। यह गिरावट कंपनी के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों के विश्लेषकों के अनुमान से कम रहने के बाद आई है, जिसकी एक वजह रिटेल कारोबार का कमजोर प्रदर्शन रहा। बीएसई पर रिलायंस का शेयर भाव 1,420 रुपये तक लुढ़क गया और आज सुबह के कारोबार में यह सेंसेक्स के सबसे बड़े घाटे में रहने वाले शेयरों में शामिल था।
तीसरी तिमाही के नतीजे
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने तीसरी तिमाही में 18,645 करोड़ रुपये का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह आंकड़ा एलएसईजी के अनुमानों के मुताबिक 19,644 करोड़ रुपये के औसत अनुमान से कम है।
वहीं, कंपनी की तीसरी तिमाही की EBITDA लगभग 46,000 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 5 प्रतिशत ज्यादा है, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले सपाट रही।
यह आंकड़ा सहमति अनुमानों से 3.9 प्रतिशत कम रहा, क्योंकि रिलायंस रिटेल की सकल राजस्व वृद्धि 8.1 प्रतिशत (साल-दर-साल) पर मंद रही और EBIDTA में केवल 1.1 प्रतिशत (साल-दर-साल) की बढ़ोतरी हुई।
रिटेल और जियो का प्रदर्शन
कंपनी ने कहा कि रिलायंस रिटेल की राजस्व वृद्धि त्योहारी सीजन दूसरी तिमाही में शिफ्ट होने और एफएमसीजी कारोबार के अलग होने (डीमर्जर) से प्रभावित हुई, जबकि लाभप्रदता क्विक कॉमर्स के विस्तार, फैशन एंड लाइफस्टाइल सेगमेंट के योगदान में कमी और नए श्रम कानून लागू होने से प्रभावित हुई।
हालांकि, प्रबंधन ने रिटेल की निकट भविष्य की इस कमजोर वृद्धि को कम करके आंका और कहा कि उन्हें रिटेल में दोहरे अंकों में राजस्व वृद्धि का भरोसा है।
रिलायंस जियो का राजस्व 11.8 प्रतिशत (साल-दर-साल) बढ़ा, जिसकी वजह एआरपीयू (प्रति यूजर औसत आय) में 1 प्रतिशत (तिमाही-दर-तिमाही) की बढ़ोतरी और लगभग 89 लाख नए शुद्ध ग्राहक जुड़ना रही।
प्रबंधन ने टैरिफ बढ़ोतरी की समयसीमा पर कोई टिप्पणी नहीं की, क्योंकि वह ग्राहकों की बढ़ती संख्या से संतुष्ट है। उन्होंने यह भी कहा कि जियो का आईपीओ पटरी पर है, जब तक कि बड़ी आईपीओ के लिए न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी के नए मानदंडों पर अंतिम वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में काफी देर न हो जाए।
विश्लेषकों की राय और टार्गेट प्राइस
कुल मिलाकर, विश्लेषकों ने शेयर पर अपना तेजी वाला नजरिया बनाए रखा है, हालांकि ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल ने रिलायंस रिटेल में कमजोर वृद्धि और जियो में ब्याज लागत बढ़ने के कारण वित्त वर्ष 2026-28 के अनुमानित EBIDTA और नेट प्रॉफिट के आंकड़े 0-3 प्रतिशत तक कम कर दिए हैं।
ब्रोकरेज ने कहा, "हम वित्त वर्ष 2025 से 2028 के बीच रिलायंस की कंसॉलिडेटेड EBIDTA और नेट प्रॉफिट में क्रमशः लगभग 10 प्रतिशत और 7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर (CAGR) देखते हैं।" ब्रोकरेज ने रिलायंस शेयर पर 'BUY' की सिफारिश दोहराते हुए लक्ष्य भाव 1,750 रुपये (पहले 1,790 रुपये) रखा है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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