
पावर कंपनी को हुआ ₹87 करोड़ का मुनाफा, बावजूद शेयर में गिरावट, ₹40 पर आया भाव
रिलायंस पावर ने कहा कि समीक्षाधीन अवधि में कंपनी की कुल आय बढ़कर 2,067 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 1,963 करोड़ रुपये थी। रिलायंस पावर के शेयर आज मंगलवार को कारोबार के दौरान करीबन 2 पर्सेंट तक गिरकर 40.50 रुपये पर आ गए।
Reliance Power Q2 Result: रिलायंस पावर का जुलाई-सितंबर तिमाही में शुद्ध लाभ 87 करोड़ रुपये रहा जिसे राजस्व में वृद्धि का समर्थन प्राप्त है। कंपनी के सोमवार देर रात जारी बयान के अनुसार, उसे पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 352 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रिलायंस पावर ने कहा कि समीक्षाधीन अवधि में कंपनी की कुल आय बढ़कर 2,067 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 1,963 करोड़ रुपये थी। रिलायंस पावर के शेयर आज मंगलवार को कारोबार के दौरान करीबन 2 पर्सेंट तक गिरकर 40.50 रुपये पर आ गए।

कंपनी की योजना
कंपनी के निदेशक मंडल ने ‘‘ वृद्धि को वित्तपोषित करने के लिए विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बाण्ड (एफसीसीबी) जारी करके 60 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक जुटाने हेतु सदस्यों से सक्षम प्रस्ताव प्राप्त करने’’ को भी मंजूरी दी। रिलायंस समूह का हिस्सा रिलायंस पावर लिमिटेड का परिचालन खंड 5,305 मेगावाट का है जिसमें 3,960 मेगावाट सासन पावर लिमिटेड शामिल है।
कंपनी का कारोबार
रिलायंस पावर, अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (Reliance ADAG) की प्रमुख कंपनी है, जिसका मुख्य कारोबार बिजली उत्पादन, वितरण और बिक्री से जुड़ा है। 1995 में स्थापित और मुंबई में मुख्यालय वाली यह कंपनी भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कंपनी के पास देशभर में कोयला, गैस और नवीकरणीय स्रोतों से बिजली उत्पन्न करने वाले कई प्रोजेक्ट हैं, जिनमें मध्य प्रदेश का सासन अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट (3,960 मेगावाट), उत्तर प्रदेश का रोजा पावर प्लांट (1,200 मेगावाट), महाराष्ट्र का बुटीबोरी प्लांट (600 मेगावाट) और आंध्र प्रदेश का समालकोट गैस आधारित परियोजना (2,400 मेगावाट) प्रमुख हैं।
कंपनी के पास मध्य प्रदेश में स्थित सासन अल्ट्रा माइंस जैसे ईंधन स्रोत भी हैं, जो उसके थर्मल प्लांट्स को आपूर्ति करते हैं। इसके अलावा, रिलायंस पावर सौर और जल विद्युत जैसे नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स पर भी कार्य कर रही है और इंडोनेशिया व बांग्लादेश जैसे देशों में विदेशी प्रोजेक्ट्स के अवसर तलाश रही है। हाल के वर्षों में कंपनी का ध्यान अपने कर्ज को घटाने, ऑपरेशनल दक्षता बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार पर केंद्रित है, ताकि वह भारत की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करते हुए एक स्थायी और लाभदायक ऊर्जा कंपनी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर सके।





