मोबाइल की किस्त नहीं भरी तो बैंक कर सकेंगे फोन कंट्रोल, RBI के नए नियम
मुख्य बातें
- RBI ने मोबाइल फोन लोन से जुड़े डिफॉल्ट मामलों में नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं
- इसके मुताबिक अगर कोई ग्राहक मोबाइल खरीदने के लिए लिया गया लोन नहीं चुकाता है तो बैंक और वित्तीय संस्थान फोन की कुछ सुविधाओं को सीमित कर सकेंगे

अगर आप मोबाइल को लोन पर लेने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मोबाइल फोन लोन से जुड़े डिफॉल्ट मामलों में नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। इसके मुताबिक अगर कोई ग्राहक मोबाइल खरीदने के लिए लिया गया लोन नहीं चुकाता है तो बैंक और वित्तीय संस्थान फोन की कुछ सुविधाओं को सीमित कर सकेंगे। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू किए जाने का प्रस्ताव है। बता दें कि हाल के वर्षों में कई डिजिटल लेंडर्स और फिनटेक कंपनियां मोबाइल फाइनेंसिंग के दौरान तकनीकी माध्यमों से फोन ब्लॉक करने की सुविधा का इस्तेमाल कर रही थीं। अब रिजर्व बैंक इसे औपचारिक रूप से रेगुलेट करना चाहता है।
किन परिस्थितियों में और कैसे लगेगी पाबंदी
बैंकों को फोन कंट्रोल करने के लिए कुछ सख्त नियमों के पालन करने होंगे। RBI ने यह स्पष्ट किया है कि ऐसी पाबंदियां सिर्फ तभी लगाई जा सकती हैं, जब लोन का इस्तेमाल खास तौर पर उस डिवाइस को खरीदने के लिए किया गया हो।
लोन एग्रीमेंट में ऐसी कार्रवाई की साफ तौर पर इजाजत होनी चाहिए और उसमें उन हालात का भी साफ जिक्र होना चाहिए जिनके तहत पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। इसके साथ ही ग्राहकों को यह भी बताया जाना चाहिए कि किस क्रम में कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डिफॉल्ट ठीक करने की समय-सीमा क्या होगी। अगर लोन लेने वाले ग्राहक को शिकायत करनी है तो इसके कौन-से तरीके उपलब्ध होंगे, इसके बारे में भी जानकारी देना जरूरी है।
ड्राफ्ट नियमों में यह बताया गया है कि लोन देने वाले, पाबंदियां तभी शुरू कर सकते हैं जब अकाउंट 90 दिन से ज्यादा समय से बकाया हो और लोन लेने वाले को कई नोटिस जारी किए जा चुके हों। बैंकों को सबसे पहले तब एक नोटिस जारी करना होगा जब लोन 60 दिन से अधिक समय से बकाया हो, जिसमें लोन लेने वालों को डिफॉल्ट ठीक करने के लिए कम से कम 21 दिन का समय दिया जाएगा। कोई भी पाबंदी लगाने से पहले, दूसरा नोटिस देना भी जरूरी होगा, जिसमें सात दिन का और समय दिया जाएगा।
ग्राहकों को मिलेगी राहत
सबसे अहम बात यह है कि RBI ने जरूरी सुविधाओं को पूरी तरह बंद करने पर रोक लगा दी है। इंटरनेट एक्सेस, इनकमिंग कॉल, इमरजेंसी SOS और सरकारी या सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े संदेशों को बंद नहीं किया जा सकेगा। RBI ने लोन देने वालों को यह भी निर्देश दिया है कि वे डिवाइस को तुरंत पूरी तरह से बंद करने के बजाय ग्रेजुएटेड अप्रोच अपनाएं। ड्राफ्ट निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जैसे ही लोन लेने वाला बकाया चुका देता है, लोन देने वालों को एक घंटे के अंदर पाबंदियां हटा देनी होंगी। अगर गलती से ब्लॉकिंग हो जाती है या फंक्शनैलिटीज को बहाल करने में देरी होती है तो लोन देने वालों को समस्या हल होने तक लोन लेने वालों को हर घंटे 250 रुपये के हिसाब से मुआवजा देना होगा। लोन पूरी तरह चुकाने के बाद फोन को नियंत्रित करने वाला सॉफ्टवेयर तुरंत हटाना भी अनिवार्य होगा।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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