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RBI ने बैंकिंग से जुड़े किए बड़े ऐलान, 9000 से ज्यादा सर्कुलर किए गए रद्द

RBI ने बैंकिंग से जुड़े किए बड़े ऐलान, 9000 से ज्यादा सर्कुलर किए गए रद्द

संक्षेप:

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एससी मुर्मू ने मीडिया को बताया कि पिछले पांच महीनों में आरबीआई ने नियामकीय ढांचे को मजबूत बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया है। इस प्रक्रिया में 9,446 सर्कुलरों (मास्टर सर्कुलर और निर्देशों सहित) को रद्द कर दिया गया है।

Nov 28, 2025 06:15 pm ISTDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकिंग से जुड़े कई अहम ऐलान किए हैं। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एससी मुर्मू ने मीडिया को बताया कि पिछले पांच महीनों में आरबीआई ने नियामकीय ढांचे को मजबूत बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया है। इस प्रक्रिया में 9,446 सर्कुलरों (मास्टर सर्कुलर और निर्देशों सहित) को रद्द कर दिया गया है। आरबीआई का यह कदम बैंकों, वित्तीय कंपनियों और अन्य विनियमित संस्थाओं पर वर्षों से बढ़ते जा रहे अनुपालन के बोझ को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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कॉमर्शियल बैंकों के लिए 32 मास्टर सर्कुलर

कॉमर्शियल बैंकों के लिए 32 मास्टर निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें बैंक लाइसेंसिंग दिशानिर्देश भी शामिल हैं। अब हितधारकों को केवल इन मास्टर निर्देशों का पालन करना होगा। कहने का मतलब है कि अब पुराने सर्कुलरों की जरूरत नहीं होगी। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने कहा कि बैंक लाइसेंसिंग से जुड़े अलग-अलग इकाइयों के दिशानिर्देशों को एकीकृत किया गया है। भविष्य में कोई बदलाव होने पर इन्हें ही अपडेट किया जाएगा।

नई मास्टर डायरेक्शंस 11 प्रकार की वित्तीय संस्थाओं—जिनमें कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक, आरआरबी, सहकारी बैंक, एनबीएफसी और क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियां शामिल हैं। ये अलग-अलग तैयार की गई हैं ताकि हर संस्था को यह आसानी से समझ में आ सके कि कौन-सा नियम उस पर लागू होता है।

क्यों जरूरी था यह बदलाव?

-पुराने सर्कुलर बहुत अधिक और जटिल हो चुके थे।

-कई निर्देश समय के साथ अप्रासंगिक हो चुके थे।

-विभिन्न प्रकार की संस्थाओं पर कौन से नियम लागू होते हैं, यह स्पष्ट नहीं था।

-अनुपालन बोझ बढ़ रहा था और लागत भी।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

Deepak Kumar
दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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