RBI Monetary Policy: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, EMI कम होने का अभी करें इंतजार

Apr 08, 2026 10:18 am ISTDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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RBI Monetary Policy: आरबीआई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लिए गए फैसलों का ऐलान गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कर दिया है। आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। कमेटी ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया है।

RBI Monetary Policy: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, EMI कम होने का अभी करें इंतजार

आरबीआई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लिए गए फैसलों का ऐलान गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कर दिया है। आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। कमेटी ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया है।इसका मतलब है कि होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन सस्ता होने के लिए अभी और इंतजार करना है। या ईएमआई भी कम होने नहीं होगी।

आरबीआई गवर्नर ने जीडीपी पर क्या कहा

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण बढ़ी अनिश्चितता का असर इकोनॉमिक आउटलुक पर पड़ रहा है। हेडलाइन मुद्रास्फीति नियंत्रित है और केंद्रीय बैंक के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे है। इस साल के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.9 पर्सेंट है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया जीडीपी ग्रोथ पहली तिमाही में 6.8%, दूसरी तिमाही में 6.7%, तीसरी तिमाही में 7% और चौथी तिमाही में 7.2% रहने का अनुमान है।

ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी संभव

हालांकि, अर्थशास्त्रियों का कहना है कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति अभी स्थिति पर नजर रखेगी। अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं और महंगाई बढ़ी, तो आने वाले समय में ब्याज दर बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल रिजर्व बैंक महंगाई और आर्थिक वृद्धि दोनों को संतुलित रखने की कोशिश करेगा।

आरबीआई एमपीसी: कहां और कैसे देखें?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की द्वि-मासिक बैठक इस महीने 6 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक चलेगी। नीति का फैसला बुधवार, 8 अप्रैल को सुबह 10:00 बजे घोषित किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12:00 बजे गवर्नर संजय मल्होत्रा प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

गवर्नर संजय मल्होत्रा का एमपीसी बयान आरबीआई के यूट्यूब चैनल पर 8 अप्रैल 2026 को सुबह 10:00 बजे लाइव प्रसारित किया जाएगा। आप उसी प्लेटफॉर्म पर उनका मीडिया संबोधन भी देख सकते हैं।

क्या रेपो रेट बढ़ेगा या रुकेगा?

अपूर्व जावड़ेकर (मुथूट फिनकॉर्प की मुख्य अर्थशास्त्री) के अनुसार, आरबीआई जीडीपी वृद्धि में संभावित गिरावट और वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रख सकता है। उनके मुताबिक, फरवरी 2026 में महंगाई दर 3.21% (कम) है, इसलिए आरबीआई के पास 'वेट एंड वॉच' वाली रणनीति अपनाने की गुंजाइश है।

उन्होंने कहा, "रेट में ठहराव से भारत में वास्तविक ब्याज दरें गिरेंगी, जो फिलहाल ऊंची हैं। इससे पूंजीगत व्यय (capex) और खपत (consumption) को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, आरबीआई रुपये को स्थिर करने के लिए रेपो रेट बढ़ाने का उपकरण इस्तेमाल नहीं करेगा।"

क्या ब्याज दरों में कटौती का दौर खत्म?

वहीं, यस बैंक ने अपनी रिपोर्ट 'इकोलॉग' में कहा है कि ब्याज दरों में कटौती का दौर खत्म हो चुका है। वजह यह है कि महंगाई बढ़ रही है, रुपये पर दबाव है और दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सतर्क हो गए हैं।

हालांकि, बैंक का कहना है कि फिलहाल रेट बढ़ोतरी भी तुरंत नहीं होगी, क्योंकि भारत कम महंगाई-उच्च वृद्धि वाली अच्छी स्थिति से इस संकट में प्रवेश कर रहा है। उनका अनुमान है कि सबसे खराब स्थिति में भी महंगाई 4.5-4.8% रहेगी।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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