लोन लेने वालों से अब मर्यादा में बात करेंगे रिकवरी एजेंट, कॉल रिकॉर्डिंग जरूरी
केंद्रीय रिजर्व बैंक ने लोन रिकवरी एजेंट्स की नियुक्ति और उनके कामकाज के नियमन के लिए गुरुवार को नियमों का ड्राफ्ट जारी किया। इसमें एजेंट के लिए ट्रेनिंग अनिवार्य करने और कर्जदारों को किए जाने वाले सभी फोन कॉल की रिकॉर्डिंग का प्रावधान है।

अकसर देखा गया है कि लोन की वसूली के लिए रिकवरी एजेंट बदसलूकी करते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लोन वसूली के लिए बैंक एजेंटों के व्यवहार को बदलने का बेड़ा उठाया है। आरबीआई ने कहा कि रिकवरी एजेंट को लोन लेने वाले व्यक्ति से मर्यादित तरीके से बात करनी होगी। इसके अलावा, कॉल रिकॉर्डिंग भी की जाएगी।
नियमों का ड्राफ्ट जारी
केंद्रीय रिजर्व बैंक ने लोन रिकवरी एजेंट्स की नियुक्ति और उनके कामकाज के नियमन के लिए गुरुवार को नियमों का ड्राफ्ट जारी किया। इसमें एजेंट के लिए ट्रेनिंग अनिवार्य करने और कर्जदारों को किए जाने वाले सभी फोन कॉल की रिकॉर्डिंग का प्रावधान है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि वसूली एजेंट द्वारा उधारकर्ता को किए गए सभी फोन कॉल को रिकॉर्ड किया जाए। इसके साथ ही एजेंट को कर्जदार के साथ सभ्य तरीके से बातचीत करनी होगी।
नियमों के ड्राफ्ट में कहा गया है- बैंक का कर्मचारी या वसूली एजेंट कर्जदार के साथ शालीनता एवं मर्यादा बनाए रखते हुए व्यवहार करेगा और कर्ज वसूली के लिए उधारकर्ता के घर जाने पर भी अपना आचरण संयमित रखेगा। आरबीआई इस पर भी विचार कर रहा है कि वसूली एजेंटों के लिए भारतीय बैंकिंग एवं वित्त संस्थान (आईआईबीएफ) द्वारा संचालित ऋण वसूली प्रशिक्षण को अनिवार्य किया जाए। बता दें कि रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पिछले सप्ताह मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते समय कर्ज वसूली के दौरान एजेंटों के आचरण को नियमित करने के लिए कदम उठाने की बात कही थी।
कर्जदारों को उठानी पड़ती है परेशानी
पहले ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमें वसूली एजेंट के खराब व्यवहार से कर्जदारों को काफी परेशानियां उठानी पड़ीं। इस तरह की घटनाएं सामने आने के बाद आरबीआई ने बैंकों एवं अन्य वित्तीय संस्थानों को संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी थी। आरबीआई के ड्राफ्ट में खास तौर पर कहा गया है कि वसूली प्रक्रिया के दौरान अपमानजनक भाषा का प्रयोग या अनुचित संदेश भेजने से परहेज किया जाए। इसके अलावा, किसी परिवार में शोक, विवाह समारोह, त्योहार या अन्य आपदाजनक परिस्थितियों जैसे अनुचित अवसरों पर कर्ज वसूली के प्रयास नहीं किए जाने चाहिए।
नियुक्ति से पहले सत्यापन
आरबीआई ने यह भी कहा कि बैंक यह सुनिश्चित करें कि कर्ज वसूली के लिए नियुक्त एजेंसी अपने प्रतिनिधियों/ कर्मचारियों की पृष्ठभूमि का सत्यापन नियुक्ति से पहले और बाद में भी तय अंतराल पर करती रहे। इसके अलावा ऋण बकाया से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन होने की स्थिति में बैंक को अपने कर्मचारी या वसूली एजेंट को मामला सौंपने में अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी।
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