HDFC बैंक पर आरबीआई की बड़ी कार्रवाई, अब सोमवार को शेयर पर रहेगी नजर
प्राइवेट सेक्टर के एचडीएफसी बैंक के शेयर पर सोमवार को निवेशकों की नजर रहेगी। दरअसल, रिजर्व बैंक ने बैंकिंग विनियमन कानून के कुछ नियमों का उल्लंघन करने के लिए एचडीएफसी बैंक पर 91 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
प्राइवेट सेक्टर के एचडीएफसी बैंक के शेयर पर सोमवार को निवेशकों की नजर रहेगी। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग विनियमन कानून के कुछ नियमों का उल्लंघन करने के लिए एचडीएफसी बैंक पर 91 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना निजी क्षेत्र के इस बैंक पर केवाईसी से जुड़ी कानूनी और नियामकीय बाध्यताओं में कमियों के लिए लगाया गया है। रिजर्व बैंक ने बताया कि यह जुर्माना बैंक पर बैंकिंग विनियमन कानून के कुछ नियमों का उल्लंघन, कर्ज पर ब्याज दर से जुड़ी शर्तों का पालन न करने, वित्तीय सेवाओं के लिए जोखिम प्रबंधन और आचार संहिता के दिशानिर्देशों तथा केवाईसी से संबंधित कुछ निर्देशों का पालन न करने के कारण लगाया गया है।
जांच के बाद फैसला
रिजर्व बैंक ने कहा कि 31 मार्च, 2024 तक बैंक की वित्तीय स्थिति के अनुसार बैंक का निगरानी मूल्यांकन करने के लिए एक सांविधिक जांच की गई थी। बैंक को इस संबंध में रिजर्व बैंक द्वारा एक नोटिस जारी किया गया था। बैंक के जवाब और उसके द्वारा दी गई अतिरिक्त जानकारियों पर विचार करने के बाद, रिजर्व बैंक ने पाया कि बैंक के खिलाफ आरोप सही थे जिसके लिए मौद्रिक जुर्माना लगाना आवश्यक था।
शेयर का हाल
एचडीएफसी बैंक के शेयर की बात करें तो यह शुक्रवार को मामूली गिरावट के साथ 1007 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर का ट्रेडिंग रेंज 1012 रुपये से 1004 रुपये के बीच रहा। 23 अक्टूबर 2025 को शेयर 1,020.35 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। जनवरी 2025 में शेयर 812.13 रुपये पर था।
आरबीआई ने 5673 पुराने परिपत्र रद्द किए
इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया कि करीब छह महीने की कवायद के बाद कुल 5,673 पुराने और अब अप्रासंगिक हो चुके परिपत्रों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा 3,800 से ज्यादा अभी भी प्रासंगिक परिपत्रों को विभिन्न खंडों में बांटकर 244 मास्टर निर्देश तैयार किए गए हैं। अब किसी भी बैंक या नियंत्रित संस्था को नियमों का पालन करने के लिए सिर्फ अपने काम से जुड़े मास्टर निर्देश देखने होंगे। कुल मिलाकर 9,446 परिपत्र या तो मास्टर निर्देशों में समाहित किए गए हैं या उन्हें रद्द कर दिया गया है।





