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HDFC बैंक पर आरबीआई की बड़ी कार्रवाई, अब सोमवार को शेयर पर रहेगी नजर

HDFC बैंक पर आरबीआई की बड़ी कार्रवाई, अब सोमवार को शेयर पर रहेगी नजर

संक्षेप:

प्राइवेट सेक्टर के एचडीएफसी बैंक के शेयर पर सोमवार को निवेशकों की नजर रहेगी। दरअसल, रिजर्व बैंक ने बैंकिंग विनियमन कानून के कुछ नियमों का उल्लंघन करने के लिए एचडीएफसी बैंक पर 91 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

Nov 29, 2025 11:11 am ISTDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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प्राइवेट सेक्टर के एचडीएफसी बैंक के शेयर पर सोमवार को निवेशकों की नजर रहेगी। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग विनियमन कानून के कुछ नियमों का उल्लंघन करने के लिए एचडीएफसी बैंक पर 91 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना निजी क्षेत्र के इस बैंक पर केवाईसी से जुड़ी कानूनी और नियामकीय बाध्यताओं में कमियों के लिए लगाया गया है। रिजर्व बैंक ने बताया कि यह जुर्माना बैंक पर बैंकिंग विनियमन कानून के कुछ नियमों का उल्लंघन, कर्ज पर ब्याज दर से जुड़ी शर्तों का पालन न करने, वित्तीय सेवाओं के लिए जोखिम प्रबंधन और आचार संहिता के दिशानिर्देशों तथा केवाईसी से संबंधित कुछ निर्देशों का पालन न करने के कारण लगाया गया है।

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जांच के बाद फैसला

रिजर्व बैंक ने कहा कि 31 मार्च, 2024 तक बैंक की वित्तीय स्थिति के अनुसार बैंक का निगरानी मूल्यांकन करने के लिए एक सांविधिक जांच की गई थी। बैंक को इस संबंध में रिजर्व बैंक द्वारा एक नोटिस जारी किया गया था। बैंक के जवाब और उसके द्वारा दी गई अतिरिक्त जानकारियों पर विचार करने के बाद, रिजर्व बैंक ने पाया कि बैंक के खिलाफ आरोप सही थे जिसके लिए मौद्रिक जुर्माना लगाना आवश्यक था।

शेयर का हाल

एचडीएफसी बैंक के शेयर की बात करें तो यह शुक्रवार को मामूली गिरावट के साथ 1007 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर का ट्रेडिंग रेंज 1012 रुपये से 1004 रुपये के बीच रहा। 23 अक्टूबर 2025 को शेयर 1,020.35 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। जनवरी 2025 में शेयर 812.13 रुपये पर था।

आरबीआई ने 5673 पुराने परिपत्र रद्द किए

इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया कि करीब छह महीने की कवायद के बाद कुल 5,673 पुराने और अब अप्रासंगिक हो चुके परिपत्रों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा 3,800 से ज्यादा अभी भी प्रासंगिक परिपत्रों को विभिन्न खंडों में बांटकर 244 मास्टर निर्देश तैयार किए गए हैं। अब किसी भी बैंक या नियंत्रित संस्था को नियमों का पालन करने के लिए सिर्फ अपने काम से जुड़े मास्टर निर्देश देखने होंगे। कुल मिलाकर 9,446 परिपत्र या तो मास्टर निर्देशों में समाहित किए गए हैं या उन्हें रद्द कर दिया गया है।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

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दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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