
शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी को खुशखबरी, RBI ने स्मॉल फाइनेंस बैंक के लिए दी हरी झंडी
फिनो पेमेंट्स बैंक ने अक्टूबर-दिसंबर 2023 अवधि में स्मॉल फाइनेंस बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। फिनो पेमेंट्स बैंक का संचालन 2017 में शुरू हुआ था। अब केंद्रीय रिजर्व बैंक ने एक बड़ी खुशखबरी दी है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को फिनो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (एफपीबीएल) को स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) में परिवर्तित करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। फिनो पेमेंट्स बैंक ने अक्टूबर-दिसंबर 2023 अवधि में स्मॉल फाइनेंस बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। फिनो पेमेंट्स बैंक का संचालन 2017 में शुरू हुआ था। केंद्रीय बैंक ने बयान में कहा कि आरबीआई ने निजी क्षेत्र में स्मॉल फाइनेंस बैंक को सदा सुलभ लाइसेंस देने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। दिशानिर्देशों के अनुसार, मौजूदा भुगतान बैंक जो निवासियों द्वारा नियंत्रित हैं और जिन्होंने पांच साल का परिचालन पूरा कर लिया है, वे एसएफबी में रूपांतरण के लिए पात्र हैं।
कंपनी का मर्चेंट नेटवर्क कितना बड़ा?
फिनो अपने विशाल व्यापारी नेटवर्क का उपयोग लोन वितरण, कलेक्शन और रीपेमेंट के लिए करना चाहता है। कंपनी का मर्चेंट नेटवर्क सितंबर तिमाही तक 20 लाख तक पहुंच चुका है, जिसमें केवल उसी तिमाही में 56,000 नए व्यापारी जुड़े। इसी अवधि में बैंक की औसत जमा राशि 36% बढ़कर ₹2,306 करोड़ हो गई। फिनो के अनुसार, वह स्मॉल फाइनेंस बैंक को पारंपरिक तरीके से नहीं बल्कि एक अलग मॉडल के रूप में चलाना चाहता है, जिसमें उसके व्यापक मर्चेंट नेटवर्क, देशभर में मौजूद ऑफिस और मजबूत कॉर्पोरेट टीम का उपयोग किया जाएगा।
पेमेंट्स बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक में मुख्य अंतर यह है कि पेमेंट्स बैंक लोन नहीं दे सकते। वर्तमान में भारत में एयरटेल, फिनो, जियो, इंडिया पोस्ट, NSDL और पेटीएम समेत कुल छह पेमेंट्स बैंक हैं। पेमेंट्स बैंक प्रति ग्राहक सिर्फ ₹2 लाख तक की जमा ही स्वीकार कर सकते हैं। RBI के नियमों के अनुसार SFB आवेदकों के पास न्यूनतम 15% कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो और पहले पांच साल तक 40% प्रमोटर होल्डिंग जरूरी है। सितंबर तिमाही में फिनो का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 77.2% और प्रमोटर होल्डिंग 75% थी, जो पात्रता की शर्तों से कहीं अधिक है।
शेयर का परफॉर्मेंस
इस बीच, शुक्रवार को फिनो पेमेंट्स बैंक के शेयर 3.88% बढ़कर 314.65 रुपये पर बंद हुआ। अब सोमवार को निवेशकों की नजर इस पर रहेगी। बता दें कि शेयर के 52 हफ्ते का हाई 369 रुपये है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का लो 180.50 रुपये है।





