यस बैंक से जुड़ी कंपनी को RBI की मंजूरी, शेयर पर रखें नजर, ₹32 तक जा सकता है भाव
RBI ने सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (एसएमबीसी) को भारत में पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडयरी कंपनी स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। वर्ष 2025 में एसएमबीसी ने यस बैंक में 24.22 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी। बैंक के शेयर परफॉर्मेंस को लेकर वेंचुरा सिक्योरिटीज बुलिश है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जापान के सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (एसएमबीसी) को भारत में पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडयरी कंपनी स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। एसएमबीसी इस समय भारत में अपनी चार शाखाओं - नयी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु के माध्यम से ब्रांच माध्यम से बैंकिंग व्यवसाय संचालित कर रहा है। आरबीआई ने कहा कि वह एसएमबीसी को पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडयरी कंपनी में बैंकिंग व्यवसाय शुरू करने के लिए लाइसेंस देने पर तभी विचार करेगा, जब वह इस बात से संतुष्ट हो जाएगा कि बैंक ने सैद्धांतिक मंजूरी के तहत आरबीआई की आवश्यक शर्तों का पालन किया है। बता दें कि वर्ष 2025 में एसएमबीसी ने निजी क्षेत्र के यस बैंक में 24.22 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी। वह यस बैंक की सबसे बड़ी शेयरधारक है, एसबीआई के पास अभी भी 10 प्रतिशत से अधिक की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।
यस बैंक के शेयर का हाल
यस बैंक के शेयर की बात करें तो बुधवार को मामूली बढ़त के साथ 22.95 रुपये पर बंद हुआ। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 24.30 रुपये और 52 हफ्ते का लो 16.02 रुपये है। बैंक के शेयर परफॉर्मेंस को लेकर वेंचुरा सिक्योरिटीज बुलिश है। वेंचुरा सिक्योरिटीज ने बैंक के शेयर पर ‘खरीद’ (Buy) की रेटिंग देते हुए ₹32 का टारगेट प्राइस तय किया है। इस बीच, बैंक का बोर्ड शनिवार, 17 जनवरी 2026 को बैठक करेगा, जिसमें 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। इसी दिन दोपहर 2:45 बजे से निवेशकों और विश्लेषकों के लिए कॉन्फ्रेंस कॉल भी आयोजित की जाएगी।
कैसे रहे सितंबर तिमाही के नतीजे
चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक का मुनाफा 18.3 प्रतिशत बढ़कर 654 करोड़ रुपये हो गया। गैर-प्रमुख आय में वृद्धि से यह लाभ बढ़ा है। यस बैंक ने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 553 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। लोन बुक में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि और शुद्ध ब्याज मुनाफे में 0.10 प्रतिशत विस्तार के कारण कोर शुद्ध ब्याज आय में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।





