नहीं रहे रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया, 87 साल की उम्र में निधन
रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का शनिवार शाम मुंबई में निधन हो गया। वह उम्र 87 साल के थे। सिंघानिया के बेटे और रेमंड ग्रुप के वर्तमान चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने भी सोशल मीडिया X पर यह खबर साझा की और एक संक्षिप्त श्रद्धांजलि देते हुए लिखा- RIP, ओम शांति।

रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का शनिवार शाम मुंबई में निधन हो गया। वह 87 साल के थे। सिंघानिया के बेटे और रेमंड ग्रुप के वर्तमान चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने भी सोशल मीडिया X पर यह खबर साझा की और एक संक्षिप्त श्रद्धांजलि देते हुए लिखा- RIP, ओम शांति।
विजयपत सिंघानिया के बारे में
विजयपत सिंघानिया की बात करें तो उनका जन्म अक्टूबर, 1938 में हुआ था। वे 1980 से 2015 तक रेमंड ग्रुप के चेयरमैन रहे। उनके पास लंदन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च से मानद PhD की डिग्री थी। इसके अलावा, उन्हें 2006 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। वह एक उत्साही एविएटर थे और उनके नाम हॉट एयर बैलून में सबसे ऊंची उड़ान भरने का रिकॉर्ड दर्ज है। उड़ान भरने के उनके रोमांचक अनुभवों को उनकी 2005 में प्रकाशित पुस्तक में संजोया गया है।
कैसे रेमंंड में आया बदलाव
विजयपत सिंघानिया ने 1980 में रेमंड की बागडोर संभाली। उन्हें एक ऐसा कारोबार विरासत में मिला, जिसकी इज्जत तो थी लेकिन अभी तक अपनी पूरी पहचान और क्षमात हासिल नहीं की थी। विजयपत सिंघानिया के नेतृत्व में इस ग्रुप में जबरदस्त बदलाव आया। उन्होंने पारंपरिक ऊनी कपड़ों के उत्पादन से आगे बढ़कर सिंथेटिक कपड़ों, डेनिम और यहां तक कि हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी अपना विस्तार किया। 1990 के दशक तक रेमंड कंप्लीट मैन का पर्याय बन गया था। बड़े पैमाने पर उत्पादन और बेहतरीन गुणवत्ता के बीच तालमेल बिठाने की उनकी काबिलियत ने यह सुनिश्चित किया कि रेमंड का नाम दशकों तक भारतीय अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बना रहे।
बेटे से लड़ी थी कानूनी जंग
देश के प्रमुख कारोबारी घरानों में से एक रेमंड ग्रुप के विजयपत सिंघानिया और उनके बेटे गौतम के बीच संपत्ति को लेकर विवाद भी चला था। इस विवाद की शुरुआत 2015 में हुई, जब विजयपत सिंघानिया ने अपनी 37% हिस्सेदारी बेटे गौतम सिंघानिया को सौंप दी। उनका दावा था कि 2007 के एक पारिवारिक समझौते के तहत उन्हें मुंबई के मालाबार हिल स्थित JK हाउस में एक आलीशान फ्लैट मिलना था, जिसकी कीमत बाजार से काफी कम तय की गई थी। लेकिन कंपनी बोर्ड ने इस सौदे का विरोध किया और इसे कंपनी की संपत्ति के खिलाफ बताया।
जैसे-जैसे विवाद बढ़ा, बोर्ड ने विजयपत सिंघानिया से चेयरमैन एमेरिटस का पद भी वापस ले लिया। विजयपत ने तब आरोप लगाया कि उन्हें बेघर कर दिया गया। वहीं, रेमंड ग्रुप के वर्तमान चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने अपने पर लगे सभी आरोपों को समय-समय पर खारिज किया।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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