
₹100 प्रीमियम पर पहुंचा GMP, अगले सप्ताह से खुल रहा IPO, प्राइस बैंड ₹174
यह आईपीओ शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी अपने पहले पब्लिक इश्यू के जरिए कुल ₹84.22 करोड़ जुटाना चाहती है। पब्लिक इश्यू से पहले एंकर निवेशकों के लिए बोली 24 दिसंबर को रखी गई है, यानी ओपनिंग से दो दिन पहले ही बड़े निवेशकों की दिलचस्पी परख ली जाएगी।
E to E Transportation IPO: रेलवे सेक्टर से जुड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में शुरुआती संकेत काफी सकारात्मक नजर आ रहे हैं। यह आईपीओ शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी अपने पहले पब्लिक इश्यू के जरिए कुल ₹84.22 करोड़ जुटाना चाहती है। पब्लिक इश्यू से पहले एंकर निवेशकों के लिए बोली 24 दिसंबर को रखी गई है, यानी ओपनिंग से दो दिन पहले ही बड़े निवेशकों की दिलचस्पी परख ली जाएगी।
ग्रे मार्केट में 100 रुपये प्रीमियम पर शेयर
ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को कंपनी के अनलिस्टेड शेयर ₹274 प्रति शेयर पर ट्रेड करते दिखे। इसका मतलब है कि अपर प्राइस बैंड ₹174 के मुकाबले करीब ₹100 का GMP बन रहा है, जो लगभग 58% का प्रीमियम है। आमतौर पर मजबूत ग्रे मार्केट प्रीमियम को निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी का संकेत माना जाता है, हालांकि यह अनऑफिशियल होता है और इसमें उतार-चढ़ाव संभव है।
IPO के बारे में
आईपीओ की संरचना की बात करें तो यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है और इसमें OFS का कोई हिस्सा नहीं है। कंपनी 48 लाख इक्विटी शेयर जारी करेगी। इसमें लगभग 47% हिस्सा QIBs के लिए, 14% NIIs के लिए और करीब 33% रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित किया गया है। प्राइस बैंड ₹164 से ₹174 प्रति शेयर रखा गया है और लॉट साइज 800 शेयर का है। यानी रिटेल निवेशकों को कम से कम 1,600 शेयर के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए करीब ₹2.78 लाख की जरूरत पड़ेगी।
कब तक होगी लिस्टिंग
सब्सक्रिप्शन विंडो 30 दिसंबर 2025 को बंद होगी और 31 दिसंबर को अलॉटमेंट फाइनल होने की संभावना है। शेयर 2 जनवरी 2026 को NSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। कंपनी आईपीओ से जुटाई रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल और जनरल कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी। हालांकि निवेश से पहले कंपनी की फाइनेंशियल सेहत पर भी नजर डालना जरूरी है। सितंबर 2025 तक कंपनी का रेवेन्यू ₹11,099.72 करोड़ रहा, लेकिन EBITDA नेगेटिव रहा और कंपनी को ₹730.57 करोड़ का नेट लॉस हुआ। ऐसे में निवेशकों को ग्रे मार्केट उत्साह के साथ-साथ जोखिमों को भी ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।

लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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