EPFO से मिला ₹166.80 करोड़ का वर्क ऑर्डर, RailTel के शेयर 6% तक उछले
मुख्य बातें
- रेलटेल का ऑल टाइम हाई 617.80 रुपये है
- इस लेवल को इसने 12 जुलाई 2024 को टच किया था
- जबकि, 31 मार्च 2022 को इसने 84 रुपये के ऑल टाइम लो लेवल को भी टच किया था

रेलटेल के शेयरों में आज 19 अगस्त को कारोबार शुरू होते ही 6% से ज्यादा की तेजी आई। यह तेजी कंपनी को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO से मिले ₹166.80 करोड़ के काम के ऑर्डर के बाद आई है। एनएसई पर सुबह 10 बजे के आसपास शेयर थोड़ा सुस्त हुए और बढ़त केवल 4.33 प्रतिशत रह गई। स्टॉक 289.35 रुपये पर आ गया। एनएसई पर करीब 35 प्रतिशत सौदे खरीदारी के लिए लगे थे और बेचने वालों की तादाद 65 प्रतिशत थी।
617.80 से 84 रुपये तक आ गया था शेयर का भाव
सुबह 9:18 बजे बीएसई पर RailTel का शेयर ₹295.00 पर कारोबार कर रहा था, जो ₹17.85 (यानी 6.44%) की बढ़त है। हालांकि, रेलटेल का 52 हफ्ते का हाई 412.90 रुपये है, जेा इसने 17 सितंबर 2025 को बनाया था। इसका 52 हफ्ते का लो 245 रुपये है, जो इसने 30 मार्च 2026 को बनाया था। रेलटेल का ऑल टाइम हाई 617.80 रुपये है। इस लेवल को इसने 12 जुलाई 2024 को टच किया था। जबकि, 31 मार्च 2022 को इसने 84 रुपये के ऑल टाइम लो लेवल को भी टच किया था।
क्या है ऑर्डर में
यह ऑर्डर RailTel के जरिए 'इंफ्रास्ट्रक्चर-एज-ए-सर्विस (IaaS)' देने के मौजूदा ऑर्डर को एक साल के लिए बढ़ाने से जुड़ा है। इस ऑर्डर को 9 फरवरी, 2027 तक पूरा करना है। इससे पहले, कंपनी को 12 अगस्त को दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी से ₹63 करोड़ (टैक्स छोड़कर) का एक और काम का ऑर्डर मिला था।
जून 2026 में खत्म हुई तिमाही में RailTel का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले लगभग बिना बदलाव के ₹66 करोड़ रहा, जबकि कंपनी का रेवेन्यू 20.1% बढ़कर ₹743.8 करोड़ से ₹893.2 करोड़ हो गया।
कंपनी का टार्गेट क्या है
रेलटेल कॉरपोरेशन के चेयरमैन और एमडी संजय कुमार ने फिर से जोर देकर कहा है कि कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 (FY27) में 20-25% की ग्रोथ दिखाने का है। उन्होंने ऐसा तब कहा, जब कंपनी ने अप्रैल-जून 2026 वाली तिमाही में 20% की बढ़ोतरी दर्ज की है।
कुमार ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 में टेलीकॉम से होने वाली कमाई 7-8% बढ़ने की उम्मीद है, वहीं प्रोजेक्ट वाला कारोबार, जिसके पास ऑर्डर बुक काफी मजबूत है, सालाना 40-50% तक की रफ्तार से बढ़ सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि अभी कंपनी की कमाई में प्रोजेक्ट और टेलीकॉम का हिस्सा करीब 60:40 है, जो आगे चलकर 70:30 हो सकता है। इससे कुल मिलाकर मार्जिन (मुनाफे पर) दबाव तो बनेगा, भले ही हर सेगमेंट का अपना मार्जिन स्थिर बना रहे।
कुमार ने यह भी कहा कि कंपनी का 'कवच' रेल सुरक्षा वाला कारोबार इसी साल से कमाई दिखाना शुरू करेगा। इसके मार्जिन 4-5% वाले आम प्रोजेक्ट्स से बेहतर हैं, जिससे पूरी कंपनी के मार्जिन को सुधारने में मदद मिलनी चाहिए।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)


